मिजोरम चुनाव में धन और ‘मिजो राष्ट्रवाद’ बना बड़ा चुनावी मुद्दा

ऐजॉल/लुंगलेई 4 नवंबर (वार्ता) मिजोरम में स्थानीय नागरिक और चर्च के प्रभावशाली नेता आगामी मिजोरम विधानसभा चुनाव में धनबल, स्थानीय लोगों को बांटने और ‘मिजो राष्ट्रवाद’ को मुख्य चुनावी मुद्दे के रूप में देख रहे हैं।

चर्च नेताओं की एक संस्था ‘मिजोरम पीपुल्स फोरम’ के रेव बी. संगथांगा ने यूनीवार्ता को कहा,“चुनावों में लंबे समय से धन की भूमिका रही है। हर कोई कहता है कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के पास बहुत धन है और वह इसे राज्य चुनाव में खर्च करेगी। इस वर्ष के शुरुआत में हमें ऐसी ही रिपोर्ट त्रिपुरा एवं नागालैंड चुनाव के दौरान भी मिली थी।”
उन्होंने कहा, “यह धन कई ईसाईयों सहित महिलाओं और पूर्व पादरियों को भाजपा में शामिल करने का कारण बन सकता है।”
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा,“यह तथ्य है कि भाजपा केेंद्र और कई अन्य राज्यों की सत्ता में हैं जोकि उनकी जीत का कारण हो सकता है हालांकि इस तथ्य से हमें चुनाव में धन की भूमिका पर संदेह है।”
उन्होंने बताया कि भाजपा ने लुंगलेई पूर्व से रेव एच. ललरुआता और ऐजॉल पश्चिम एक से रेव एल. आर. कोलनेय को उम्मीदवार बनाया है।
श्री रेव ने कहा, “हमारे पास कोई सबूत नहीं है पार्टी बदलने के लिये उन्हें धन दिया गया लेकिन इतना जरूर है कि यह धन के बल पर हुआ है।”
मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए 28 नवंबर को होने वाले चुनावों के को लेकर भाजपा ने पहले ही 37 उम्मीदवारों में छह महिलाओं को नामित किया है।
नीरज, रमेश
वार्ता

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