बिहार महागठबंधन में राजद 20 से 22 सीटों पर लड़ेगा चुनाव, कांग्रेस के खाते में आ सकती हैं 11 सीटें

पटना। बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर बातचीत जारी है। सूत्रों के अनुसार विपक्षी गठबंधन में सीटों के बटवारे को इसी सप्ताह अंतिम रुप दिया जा सकता है। गठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा), हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम), विकासशील इनसान पार्टी (वीआईपी), लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) और वाम दल शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पार्टी को बंटवारे में 20-22 सीटें मिल सकती हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस 11 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि रालोसपा को 3, हम को 2 और वीआईपी को 2 सीटें मिल सकती हैं। सीपीआई और सीपीआईएमएल जैसे वाम दलों के हिस्से में कुल 2 सीटें आ सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि बिहार में 40 लोकसभा सीटें हैं, जिसमें भाजपा ने 22 सीटें जीती थीं। लोजपा को 6 सीटें मिली थीं, वहीं राजद को मात्र 4 सीटें मिली थीं, जबकि जदयू के प्रत्याशी केवल दो सीटों पर जीतने में सफल हुए थे। कांग्रेस ने यहां 2014 में 2 सीटें जीती थी। कुछ सीटों पर महागठबंधन और वाम दलों के बीच दोस्ताना मुकाबला होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। खबर है राजद, लोकतांत्रिक जनता दल के मुखिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव को अपने चुनाव चिह्न पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मनाने में जुटी है। महागठबंधन के एक सूत्र ने कहा अगर राजद चाहे तो वह समाजवादी पार्टी को अपने कोटे से एक सीट देकर उसे महागठबंधन में शामिल कर सकती है।
महागठबंधन सूत्रों ने बताया राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव निषाद मतदाताओं के बीच मुकेश साहनी के मजबूत आधार को देखते हुए उनकी पार्टी वीआईपी को साथ लेकर चलना चाहते हैं। वीआईपी की नजर दरभंगा सीट पर है। सूत्र ने बताया वीआईपी मुजफ्फरपुर या खगड़िया सीट भी दी जा सकती है। उनके हिसाब से अगर दरभंगा सीट वीआईपी को दी जाती है तो इसका मतलब यह होगा कि हाल ही में कांग्रेस को जॉइन करने वाले कीर्ति आजाद को दिल्ली की किसी सीट से उतारा जा सकता है। आजाद ने 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रुप में दरभंगा सीट जीती थी।
महागठबंधन आरा की सीट सीपीआई (एमएल) को ऑफर कर सकती है, जिसने शुरू में कथित तौर पर छह सीटें मांगी थीं। एनडीए सरकार में यूनियन मिनिस्टर रहे उपेंद्र कुशवाहा की अगुआई वाली रालोसपा काराकाट, पूर्वी चंपारण और वाल्मिकीनगर सीट से लड़ सकती है। रालोसपा ने एनडीए का साथ छोड़कर बिहार में महागठबंधन को जॉइन किया है। गया और नालंदा की सीट पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी हम को मिल सकती है। राजद को मधुबनी, झंझारपुर, वैशाली, सीवान, महाराजगंज, सारण, उजियारपुर, खगड़िया, पाटलिपुत्रा, बक्सर, जहानाबाद, गया और जमुई सीट मिल सकती है। ये अररिया, मधेपुरा, बांका और भागलपुर की सीटों के अलावा होंगी, जो आरजेडी ने 2014 में जीती थीं। जहां तक कांग्रेस की बात है, तो उसे बंटवारे में किशनगंज, सुपौल, कटिहार, सासाराम, समस्तीपुर, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, शिवहर, हाजीपुर और पटना साहिब की सीट मिल सकती है।
अनिरुद्ध,, 13 मार्च 2019

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