साहित्यकार और कवि हमारे मार्गदर्शक – मंत्री कमलेश्वर पटेल

बादशाह बने कोई, कोई सुल्तान बन गये, माँ की दुआ लगी, तो इंसान बन गये…
भोपाल राजधानी के हिन्दी भवन में चल रहे पाँच दिवसीय कादम्बनी एवं न्यू लक्ष्य पुस्तक उत्सव के तीसरे दिन आज काव्य गोष्ठी का शुभारम्भ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, कमलेश्वर पटेल ने माँ सरस्वती पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर श्री पटेल ने कहा कि साहित्यकार एक मार्गदर्शक हैं। वह कटु सत्य लिखता है और कभी किसी को छोड़ता नहीं है। उसको हम स्वीकार करते हैं, अच्छा साहित्य पढ़-लिखकर मनुष्य आगे तरक्की करता है। श्री पटेल ने कादम्बनी शिक्षा एवं समाज कल्याण सेवा समिति तथा न्यू लक्ष्य संस्था के 10 साल के कार्य़ों की सराहना करते हुए कहा कि जो भी शासन से मदद होगी, इन संस्थाओं के लिए करूँगा। कार्यक्रम में बीस से अधिक साहित्यकारों का एवं कवियों का सम्मान किया गया। मंच पर विशेष अतिथि मनोहर पटेरिया मधुर, दिनेश प्रभात, सुधा दुबे, शंकर दीक्षित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विधि अधिकारी बी.एम. सिंह उपस्थित थे। मंच संचालन चंद्रा हर्सकोले ने किया। वरिष्ठ कवि धूमकेतु ने अपनी कविता ”पाँच साल के लिए चुनेंगे फिरसे तुमको प्यारे कौन होते हैं, लल्लू पंजू तुम्हें हराने वाले“ इसी तरह कवि कमलेश बंसल ने अपनी कविता ”बादशाह बने कोई, कोई सुल्तान बन गये, माँ की दुआ लगी तो इंसान बन गये“, करूण श्रीवास्तव कविता ”आयो वसन्त ऋतु“ पढ़ी गई। कार्यक्रम में रेखा भटनागर ”वतन को स्वर्ग बनाना है, दृष्टिहीनों को मंजिल तक पहुँचाना है“ कवि यश धुरंदर ने मंच से ”जब-जब मुमने चाहा, हमनें मुँह का कोर खिलाया, खुद कांटों पर सोय, फूलों पर तुम्हें सुलाया“ इस कार्यक्रम में राकेश वर्मा, दिनेश प्रभात, मनोहर पटेरिया मधुर, देवीचरण शर्मा, देवेन्द्र थापक, प्रांजल श्रीवास्तव, अभिषेक अरजरिया, अश्वनी अम्बुज, ओरिना अदा, विनिता प्रजापति, प्रतिभा श्रीवास्तव, शशि बंसल, राजकुमारी चौकसे, अनीता सारस्वत, मयंक वैध, गौरव विश्वकर्मा ने अपना कविता पाठ किया। मंच से मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सभी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
नोट : 11 जनवरी, 2019 को हिन्दी भवन में गप्प प्रतियोगिता एवं हास्य गोष्ठी, समय –
हरि प्रसाद पाल / 10 जनवरी, 2019

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