इंदौर की मासूम बच्चियों को बचाने संस्था न्यायाश्रय उतरेगी मैदान में

(कानून से जुड़े विद्यार्थियों की टीम कार्य योजना पर करेगी काम)

इंदौर। आए दिन निर्दोष बालिकाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म और हत्या जैसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए संस्था न्यायाश्रय द्वारा कार्य योजना बनाई गई है और इस कार्ययोजना पर इंदौर शहर में बस्तियों में जाकर ग्राउंड लेवल पर कार्य किया जाएगा,यदि इसके सकारात्मक प्रभाव दिखाई दिए तो इंदौर मॉडल को अन्य शहरों में भी लागू किए जाने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है संस्था न्यायाश्रय अधिवक्ताओं,विधि विद्यार्थियों, कानून के प्रोफेसर तथा कानून से जुड़े लोगों की एक संस्था है जो समाज की कुरीतियों के विरुद्ध कार्य करती रही है।

पॉक्सो कानून और फांसी की सजा की जानकारी नहीं

संस्था अध्यक्ष एडवोकेट पंकज वाधवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकांश अपराधियों को बालकों के लिए बनाए गए लैंगिक अपराधों से संरक्षण कानून और उसमें दी जाने वाली फांसी की सजा की जानकारी नहीं है। अपराध करने वालों को यह भी जानकारी नहीं है कि वर्तमान में विचारण न्यायालय द्वारा अत्यंत ही सख्त रूख अपना दिया गया है और महज 15-20 दिन में ही विचारण समाप्त कर मृत्युदंड की सजा सुनाई जा रही है। अधिकांश अपराधी ना ही समाचार पत्र पढ़ते हैं ना ही इस प्रकार के समाचारों से उन्हें दंड के विषय में जानकारी हो पाती है और यही कारण है कि भय के अभाव में इस प्रकार के दुष्कर्म सामने आ रहे हैं।

बीएएलएलबी एलएलबी के छात्र करेंगे कार्य योजना पर कार्य

संस्था न्यायाश्रय सदस्य एडवोकेट जयंत दुबे व अभिषेक भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि द्वारा मलिन बस्तियों एवं स्लम एरियाज में जाकर कानून एवं दंड के प्रावधानों के बारे में जागरूक करेंगे साथ ही दुष्कर्म करने पर होने वाली सजा और उनके प्रभावों का विस्तार से जानकारी देंगे और उक्त जानकारी को निचले स्तर तक फैलाने का कार्य करेंगे। संस्था सदस्य मधुर जैन, राकेश चौहान,सुधीर नायक ने बताया कि 5-5 विद्यार्थियों की एक टीम प्रति सप्ताह बस्तियों में जाकर आंगनवाड़ी एवं स्कूलों में भी इस कानून और गलत कार्य ना करने हेतु प्रभावी ढंग से समझाने का प्रयास करेंगी। जागरूकता से ही इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

इंदौर के पुलिस थानों से भी लेंगे मदद

संस्था के सदस्य रितेश सालुंके व गोविंद गहलोत ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए इंदौर प्रशासन एवं पुलिस थानों की मदद भी ली जावेगी, उनकी मदद से क्षेत्र के संदिग्ध एवं अपराधिक तत्वों के समक्ष कानून की जानकारी दी जाएगी।

सजा ना सिर्फ होनी चाहिए दिखाई भी दे

संस्था के अधिकांश सदस्यों राहुल सुखानी, कमलेश सोनी आदि द्वारा यह कहा गया कि  जिस प्रकार विधि का सुस्थापित नियम हैं की न्याय न सिर्फ होना चाहिए बल्कि न्याय दिखाई भी देना चाहिए ठीक उसी तर्ज पर इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए संस्था द्वारा यह भी मांग की जानी चाहिए कि ऐसे अपराधियों को सजा ना सिर्फ शीघ्र दी जानी चाहिए बल्कि उस सजा का लाइव टेलीकास्ट अथवा सार्वजनिक भी किया जाना चाहिए ताकि अन्य अपराधियों में भय का वातावरण उत्पन्न हो और इस प्रकार के अपराध करने का कोई भी प्रयास न करें।

कार्य योजना में सभी को जोड़ने की अपील

संस्था द्वारा किए जाने वाले इस कार्य के लिए शहर के समस्त जागरूक व्यक्तियों, स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अपील की गई है कि वे इस कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9617502528 व 7999706585  जारी किये गये है।

इंदौर
दिनांक 29 अक्टूबर 2018

भवदीय

पंकज वाधवानी
अधिवक्ता

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