बुरहानपुर में कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बावजूद बना संशय

बुरहानपुर, 06 नवंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी संशय के हालात बने हुए हैं। पार्टी आलाकमान ने प्रत्याशी के अलावा सभी दावेदारों को दिल्ली बुलाकर राजनीतिक अटकलों के बाजार को गर्म कर दिया है।
दीपावली की तैयारियॉ के बीच बुरहानपुर में कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर राजनीतिक गहमागहमी बढ गई है। प्रत्याशी हमीद काजी सहित दावेदार सुरेंद सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी और पूर्व विधायक रविंद महाजन गत दो दिनों से दिल्ली में हैं, परंतु अभी तक कोई नतीजा नही निकल पाया है, जबकि 9 नवबंर तक नामाकंन भरना है। पार्टी ने हमीद काजी को प्रत्याशी बनाया है, परंतु दावेदार सुरेद्र सिंह ठाकुर के राजनीतिक तेवर देख पार्टी सकते में है। इसको लेकर पार्टी ने सभी को दिल्ली बुला लिया है।
वहीं बुरहानपुर में बढती गुटबाजी को देखते हुए कांग्रेस पराजबुरहानपुर, 06 नवंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी संशय के हालात बने हुए हैं। पार्टी आलाकमान ने प्रत्याशी के अलावा सभी दावेदारों को दिल्ली बुलाकर राजनीतिक अटकलों के बाजार को गर्म कर दिया है।
दीपावली की तैयारियॉ के बीच बुरहानपुर में कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर राजनीतिक गहमागहमी बढ गई है। प्रत्याशी हमीद काजी सहित दावेदार सुरेंद सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी और पूर्व विधायक रविंद महाजन गत दो दिनों से दिल्ली में हैं, परंतु अभी तक कोई नतीजा नही निकल पाया है, जबकि 9 नवबंर तक नामाकंन भरना है। पार्टी ने हमीद काजी को प्रत्याशी बनाया है, परंतु दावेदार सुरेद्र सिंह ठाकुर के राजनीतिक तेवर देख पार्टी सकते में है। इसको लेकर पार्टी ने सभी को दिल्ली बुला लिया है।
वहीं बुरहानपुर में बढती गुटबाजी को देखते हुए कांग्रेस पराजय से बचने के लिए स्थानीय दावेदारों को दरकिनार कर पूर्व केद्रीय मंत्री अरूण यादव के नाम पर भी विचार कर रही है। पूर्व निमाड से सांसद रहे यादव के बुरहानपुर से मैदान में उतरने से न सिर्फ कांग्रेस में गुटबाजी रूकेगी, बल्कि भाजपा प्रत्याशी महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस को कडी टक्कर मिलेगी।
श्री यादव के बुरहानपुर से मैदान में आने से ना सिर्फ राजनैतिक समीकरण पर प्रभाव पडेगा, बल्कि परिणाम भी उलट-पलट हो सकते हैं। श्री यादव के बुरहानपुर के चुनाव लडने की स्थिति में इससे लगी सीटों नेपानगर व पंधाना में भी कांग्रेस को राजनैतिक लाभ मिल सकता है। यादव के नाम पर पार्टी खरगोन से भी विचार कर रही है। खरगोन से कांग्रेस के टिकट की होड मे रवि जोशी और पूर्व विधायक परसराम डंडीर आगे है।
सं बघेल
वार्ताय से बचने के लिए स्थानीय दावेदारों को दरकिनार कर पूर्व केद्रीय मंत्री अरूण यादव के नाम पर भी विचार कर रही है। पूर्व निमाड से सांसद रहे यादव के बुरहानपुर से मैदान में उतरने से न सिर्फ कांग्रेस में गुटबाजी रूकेगी, बल्कि भाजपा प्रत्याशी महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस को कडी टक्कर मिलेगी।
श्री यादव के बुरहानपुर से मैदान में आने से ना सिर्फ राजनैतिक समीकरण पर प्रभाव पडेगा, बल्कि परिणाम भी उलट-पलट हो सकते हैं। श्री यादव के बुरहानपुर के चुनाव लडने की स्थिति में इससे लगी सीटों नेपानगर व पंधाना में भी कांग्रेस को राजनैतिक लाभ मिल सकता है। यादव के नाम पर पार्टी खरगोन से भी विचार कर रही है। खरगोन से कांग्रेस के टिकट की होड मे रवि जोशी और पूर्व विधायक परसराम डंडीर आगे है।
सं बघेल
वार्ता

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