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दिल्ली में पराली से हवा में बढ़ रहा प्रदूषण, फिर लागू होगा ऑड-ईवन?

नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से लॉकडाउन में कुछ राहत मिली थी लेकिन अब इसके खत्म होने और ठंड शुरू होते ही बढ़ते प्रदूषण की आशंका बढ़ गई है। शनिवार को पराली की वजह से पैदा हुए पीएम 2.5 के स्तर में इस सीजन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस प्रदूषक में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पड़ोसी राज्यों में शुक्रवार को 882 जगहों पर पराली जलाने की घटनाओं की पहचान की गई तो वहीं गुरुवार को यह संख्या 583 थी। पंजाब और हरियाणा की तरफ से आने वाली हवाएं अपने साथ बड़ी मात्रा में प्रदूषण ला रही हैं। हवा की गति कम होने की वजह से यह दिल्ली शहर के ऊपर आकर ठहर जाता है। बुधवार को पराली की वजह से बनने वाले पीएम 2.5 का स्तर दिल्ली की हवा में केवल 1 प्रतिशत था जो कि गुरुवार को बढ़कर 6 प्रतिशत हो गया और शुक्रवार को यही 18 फीसदी तक पहुंच गया। 2019 में यह स्तर सबसे ज्यादा 44 प्रतिशत तक पहुंचा था।
राजधानी को गैस चैंबर बनने से बचाने के लिए एक बार फिर यहां ऑड ईवन लागू हो सकता है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार बैठकें हो रही हैं। हालांकि ऑड-ईवन की स्कीम पर अभी कोई खास चर्चा नहीं हुई है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही कुछ नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट सिस्टम में भी सुधार किया गया है। राजधानी वालों के लिए थोड़ी सी राहत की बात है। 20 अक्टूबर तक प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में नहीं जाएगा। मौसम और हवाओं की वजह से यह बदलाव आया है। हालांकि पराली के धुएं ने शनिवार को भी राजधानी को 19 प्रतिशत तक प्रदूषित किया है। शनिवार की सुबह राजधानी का एयर इंडेक्स करीब 254 के आसपास दर्ज हुआ था। इसके बाद इसमें बढ़ोतरी होती गई।
सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी का एक्यूआई 287 दर्ज हुआ। इसके अलावा, बहादुरगढ़ 224, बल्लभगढ़ 283, भिवाड़ी 329, फरीदाबाद 295, गाजियाबाद 289, ग्रेटर नोएडा 330 और नोएडा में यह 309 दर्ज हुआ। एनसीआर के कुछ शहर शनिवार को बेहद खराब स्थिति में रहे। विशेषज्ञ के अनुसार, अभी प्रदूषण का मिजाज इसी तरह उतार-चढ़ाव का बना रहेगा। हवाएं इसकी वजह हैं। इनकी रफ्तार में कभी कुछ तेजी आ रही है और अभी यह ठहर जा रही है। सफर के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदूषण शनिवार को खराब स्थिति में बना रहा। दिन के समय इसके स्तर में कुछ बढोतरी हुई। रविवार को भी मौसम ऐसा ही रहेगा। इसके बाद 19 और 20 अक्टूबर में इसमें कुछ सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन यह खराब स्थिति में ही बना रहेगा। वहीं दूसरी तरफ हरियाणा, पंजाब में पराली जलाने के मामले बढ़ गए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान पराली जलाने की 882 घटनाएं सैटेलाइट इमेज में सामने आई हैं। पीएम 2.5 को बढ़ाने में पराली की हिस्सेदारी शनिवार को 19 प्रतिशत तक रही।
विपिन/ ईएमएस/ 18 अक्टूबर 2020

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