इंदौर एयरपोर्ट पर अब पक्षियों को भगाने के लिए लगेगा अल्ट्रासोनिक म्यूजिक सिस्टम

इंदौर

:: विमानतल पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में संभागायुक्त ने दिए निर्देश; रनवे के आसपास पेड़ों की छंटाई और कचरा हटाने पर भी जोर ::
इंदौर । देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षित उड़ान में अब पक्षी और वन्यजीव बाधा नहीं बन सकेंगे। विमानतल को हाई-टेक सुरक्षा घेरे में लाने के लिए प्रशासन अब अल्ट्रासोनिक म्यूजिक सिस्टम और आधुनिक सेंसर्स का सहारा लेगा। यह निर्देश संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने सोमवार को विमानतल पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में दिए। संभागायुक्त कार्यालय में संपन्न हुई इस बैठक में डॉ. खाड़े ने कहा कि एयर साइड क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों को न्यूनतम करने के लिए रेस्क्यू टीम और नगर निगम को संयुक्त रूप से मोर्चा संभालना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पक्षियों और आग की गतिविधियों की समय रहते जानकारी मिले, इसके लिए नियमों के मुताबिक सेंसर्स लगाए जाएं। साथ ही एयरपोर्ट की फेंसिंग की बारीकी से जांच कर हर दरार को तत्काल भरने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी जानवर रनवे तक न पहुँच सके।
विमानों के अप्रोच फनल में बाधा बन रहे पेड़ों पर भी सख्ती दिखाई गई। बिजासन टेकरी, बीएसएफ और एयरोड्रम पुलिस स्टेशन के पास के बड़े पेड़ों की छंटाई करने को कहा गया है। इसके अलावा इंदौर-पीथमपुर मार्ग पर खुले में फेंके जाने वाले कचरे को नगर निगम के सहयोग से साफ कराया जाएगा, क्योंकि यह कचरा ही पक्षियों को आकर्षित करता है। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट परिसर और उसके आसपास से आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए ताकि विमानों के संचालन में रत्ती भर भी जोखिम न रहे।
बैठक में सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा, एयरपोर्ट निदेशक सुनील मगगीरवार, वन विभाग के अधिकारी अमित सोलंकी, एयरपोर्ट मैनेजर शफी सैय्यद और स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी डॉ. निर्मला अखण्ड सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। संभागायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रबंधन समिति अब हर महीने अनिवार्य रूप से बैठक कर इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेगी।