पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत श्लोक, सकारात्मक वैश्विक चर्चाओं का आह्वान

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नई दिल्ली । आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक कल्याण के लिए सकारात्मक और सार्थक चर्चाओं की उम्मीद जारी है। शुक्रवार को एक पोस्ट के जरिए उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें अच्छे लोगों के साथ संगति और संवाद पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनिया के कई देशों के नेता उच्चस्तरीय बैठक के लिए नई दिल्ली में जुटने वाले है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन दुनिया के समक्ष मौजूद विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया, वहां हैं सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥ यह संदेश अच्छे साथियों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान खोजने की भारतीय परंपरा को दिखाता है।
इस बीच,रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुँचे। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में यह उनकी पहली व्यक्तिगत भागीदारी है, जो बैठक को और महत्वपूर्ण बनाती है। उनके आगमन के कुछ ही घंटों बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है, जिसमें रक्षा और अन्य संबंधित मामलों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति पुतिन के अलावा, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो जैसे प्रमुख नेता भी इस समिट के लिए दिल्ली पहुंच रहे है। यह शिखर सम्मेलन तब हो रहा है जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी युद्धों के कारण वैश्विक ऊर्जा और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं में गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिससे सभी सदस्य देशों के बीच सहयोग की आवश्यकता बढ़ गई है।