GDP की छलांग और जनता की धीमी होती जिंदगी
GDP के आंकड़ों के पीछे आम आदमी का सच “सरकार GDP की ऊंची छलांग दिखा सकती है। बजट का विशाल आकार दिखा सकती है। राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का दावा कर सकती है।लेकिन अंततः देश का नागरिक एक ही सवाल पूछेगा,“देश की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत बढ़ रही है तो मेरी आमदनी, मेरी बचत और […]
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