नई दिल्ली । क्या आपने सोचा है कि एलपीजी सिलेंडर के दाम हमेशा किसी भी महीने की पहली तारीख को ही क्यों बढ़ाए जाते हैं। आखिर इसके पीछे की वजह क्या है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने के सबसे मुख्य और जरूरी कारणों में से एक है एलपीजी यानी तरलीकृत पेट्रोलियम गैस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव, जिसका असर हमें एलपीजी सिलेंडर की कीमतों के बढ़ने और घटने पर देखने को मिलता है, क्योंकि भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे देशों से आयात पर निर्भर है। जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती या घटती है, तो भारतीय कंपनियां उसी हिसाब से एलपीजी सिलेंडर की कीमतें तय करती हैं। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि भारत तेल का आयात डॉलर के जरिए करता है। अगर रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले कम हो जाए, तो कंपनियों को तेल खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। इसके अतिरिक्त और भी कई कारण हैं, जिसमें मांग और उस पर लगने वाले विभिन्न टैक्स भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। एलपीजी सिलेंडर की कीमत महीने की पहली तारीख को बढ़ने की कई मुख्य वजहें हैं, जिसमें सबसे पहले आता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतें हर पल और हर दिन बदलती रहती हैं। इससे निपटने के लिए और लोगों की परेशानी को देखते हुए एक व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें तेल की कीमतों को लागू करने के लिए महीने की पहली तारीख को ही देश के सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स, डीलर्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर को एक साथ अपडेट करना आसान होता है। इससे पूरे देश में नई कीमतें एक ही समय पर लागू हो जाती हैं।
कंपनियों को तेल और डॉलर के पिछले सभी रिकॉर्ड को जांचने और नया प्राइस तय करने के लिए समय मिल जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि ग्राहकों को पहले से पता होता है कि एलपीजी सिलेंडर के दाम एक तय तारीख को ही बढ़ेंगे, जिससे वे अपनी आर्थिक रूप से जरूरी खर्चों की तैयारी कर सकते हैं। मालूम हो कि नए साल की शुरुआत होते ही गैस सिलेंडर के दामों में उछाल देखने को मिला है, जिसने सभी की टेंशन बढ़ा दी है। हालांकि ये दाम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर बढ़ाए गए हैं और घरेलू गैस सिलेंडर पर कोई दाम न बढ़ाते हुए लोगों को राहत दी गई है। दामों में ताजा बढ़ोतरी की वजह से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 111 रुपये महंगा हो गया है और अब 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1,691.50 रुपये के करीब पहुंच गया है।

