नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश करेंगी। पिछले बजट में नई टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर बड़ी राहत दी गई थी, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार प्रत्यक्ष कर में बहुत बड़े बदलाव की संभावना कम है। हालांकि, मध्यम वर्ग को उम्मीद है कि सरकार मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) या अन्य रियायतों के जरिए कुछ अतिरिक्त लाभ दे सकती है।बजट 2026 में सरकार का मुख्य फोकस हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर पर रहने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टियर-2 शहरों में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की स्थापना के साथ-साथ प्रिवेंटिव केयर पर निवेश बढ़ाया जा सकता है। वहीं, रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों, फ्रेट कॉरिडोर और ट्रैक विस्तार पर बड़े आवंटन की संभावना जताई जा रही है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे और सरकारी योजनाओं के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित होगा, जिससे आम जनता और उद्योग जगत दोनों को संतुलित राहत मिल सके।

