परंपरा और उल्लास के साथ निकला भव्य गणगौर बाना, लोक संस्कृति के रंगों में रंगा परदेशीपुरा

इंदौर

माया-श्याम संस्था के आयोजन में ईशर-गौर के स्वरूप रहे आकर्षण का केंद्र, सोलह श्रृंगार और छंद प्रतियोगिता में महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा ::
इंदौर । शहर के परदेशीपुरा क्षेत्र में रविवार को आस्था, उत्साह और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ माया-श्याम सांस्कृतिक पारमार्थिक संस्था (रजि.) द्वारा भव्य गणगौर बाना निकाला गया। गेंदेश्वर मंदिर से कनकेश्वरी माता मंदिर तक निकले इस रंगारंग चल समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएँ पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार में सज-धजकर शामिल हुईं। बाने के दौरान समूचा मार्ग ईशर-पार्वती के जयकारों से गूँज उठा और रास्ते में जगह-जगह समाजजनों द्वारा पुष्प वर्षा कर चल समारोह का आत्मीय स्वागत किया गया। आयोजन में रूही शमा दूल्हा ईशर जी के रूप में और मिली चाष्टा दुल्हन पार्वती के रूप में विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनकी मनमोहक छवि ने सभी का मन मोह लिया।
संस्था की संयोजक माया शर्मा और मंजुला शर्मा ने बताया कि बाने का समापन कनकेश्वरी मंदिर परिसर में हुआ, जहाँ महिलाओं ने विधि-विधान से गणगौर माता का पूजन कर झाले दिए और पारंपरिक छंद बोले। इस अवसर पर महिलाओं के उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। छंद बोलने की स्पर्धा में श्रीमती टीना ने प्रथम, श्रीमती प्रीति पंचोली ने द्वितीय और श्रीमती सरिता उपाध्याय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार, महिलाओं की सोलह श्रृंगार स्पर्धा में निकिता शर्मा प्रथम, आरती जोशी द्वितीय और सरस्वती तृतीय स्थान पर रहीं। विजेता प्रतिभागियों को गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज नगरसभा के अध्यक्ष वीरेंद्र व्यास, महिला सभा की अध्यक्ष करुणा शर्मा, उपाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और प्रधानमंत्री कमलेश तिवारी द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
चल समारोह के दौरान सुरक्षा और सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। पुलिस प्रशासन के सहयोग के साथ ही बड़ी संख्या में संस्था के वालेंटियर्स व्यवस्था संभालते और श्रद्धालुओं के लिए जलसेवा करते नज़र आए। बाने में शामिल मातृशक्ति का विभिन्न स्थानों पर शीतल दूध, कोल्डड्रिंक और फलाहारी से स्वागत किया गया। संस्था द्वारा कार्यक्रम में सम्मिलित सभी महिलाओं को आकर्षक उपहार भी भेंट किए गए। कार्यक्रम के अंत में आयोजन की सफलता पर श्रीमती बबीता प्रदीप उपाध्याय ने सभी का आभार व्यक्त किया।