-साढ़े सात घंटे की चर्चा के बाद बहुमत से पारित, विपक्ष का वॉकआउट
-महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
अहमदाबाद । गुजरात विधानसभा में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल को लंबी चर्चा के बाद बहुमत से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही गुजरात, उत्तराखंड के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां यह महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव वाला कानून पारित हुआ है।
यह बिल मंगलवार दोपहर 3:00 बजे विधानसभा में पेश किया गया था, जिसके बाद करीब साढ़े सात घंटे तक इस पर गहन चर्चा चली। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखे तर्क-वितर्क देखने को मिले। अंततः रात 10:37 बजे इसे बहुमत से पारित घोषित किया गया। मतदान के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बिल पर विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि यूसीसी लागू करने के मामले में गुजरात का दूसरा राज्य बनना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह कानून जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज को एक सूत्र में बांधने का प्रयास है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी नागरिकों की धार्मिक आस्थाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस कानून में महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में समान भागीदारी देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह पंजीकरण से जुड़े मौजूदा प्रावधान जारी रहेंगे और अपनी पहचान छुपाकर विवाह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि “न कोई कानून से ऊपर है, न कोई नागरिक नीचे।” उन्होंने “समान गुजरात, सशक्त गुजरात” का नारा देते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना की।

