इंदौर नगर निगम का 8455 करोड़ का ई-बजट : विजन-2050 की नींव, करों के बोझ से मुक्त रहे शहरवासी

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:: ईरान के सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि पर सदन में भारी हंगामा; नर्मदा-4 और अमृत-2 प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार ::
इंदौर । स्वच्छता के क्षेत्र में देश का मान बढ़ाने वाला इंदौर अब विकास के अगले सोपान की ओर अग्रसर है। नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मंगलवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया। पूरी तरह पेपरलेस (डिजिटल) स्वरूप में पेश किए गए इस 8455 करोड़ रुपये के बजट में अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर विजन 2050 का संकल्प लिया गया है। बजट की सबसे सुखद बात यह रही कि महापौर ने जनता पर कोई नया कर (टैक्स) नहीं थोपा है, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है।
महापौर ने 130 पृष्ठों के अपने बजट भाषण में 8455 करोड़ की आय और 8443 करोड़ के व्यय का अनुमान साझा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि इंदौर को आत्मनिर्भर और वैश्विक मापदंडों वाला मॉडल सिटी बनाने का एक दूरदर्शी रोडमैप है।
:: श्रद्धांजलि पर तकरार : सदन में गूंजे राम नाम और मोदी-मोदी के नारे ::
बजट सत्र की शुरुआत ही अप्रत्याशित हंगामे की भेंट चढ़ गई। महापौर द्वारा शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि अर्पित की। रूबीना खान द्वारा उन्हें शहीद संबोधित करने पर भाजपा पार्षद उग्र हो गए। सदन में जय श्री राम और मोदी-मोदी के नारों से वातावरण काफी गर्मा गया। विपक्ष ने भागीरथपुरा हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि सूची में प्राथमिकता न देने पर भी तीखा विरोध दर्ज कराया।
:: अमृत-2 और नर्मदा-4 से बुझेगी शहर की प्यास ::
बढ़ती आबादी की जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बजट का सर्वाधिक हिस्सा जल प्रदाय प्रणाली के सुदृढ़ीकरण पर व्यय होगा:

  • अमृत-2 योजना : इस योजना के अंतर्गत 1500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य होंगे, जिसमें नई टंकियों का निर्माण और सुव्यवस्थित वितरण तंत्र शामिल है।
  • नर्मदा चतुर्थ चरण : जलूद से इंदौर तक नर्मदा-4 प्रोजेक्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को बदलने के लिए पृथक से बजट आवंटित किया गया है।
  • शुद्धता का संकल्प : पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वार्ड में वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी।
    :: सीवरेज मेगा प्लान और वेस्ट मैनेजमेंट 2.0 ::
  • ड्रेनेज विस्तार : 291 करोड़ रुपये के निवेश से 100 किमी नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। कुल 750 किमी ड्रेनेज नेटवर्क के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है।
  • स्वच्छता का नया स्तर : बायो-सीएनजी प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी की जाएगी। साथ ही, 200 टीडीपी का नया आधुनिक कचरा प्लांट और जीरो वेस्ट ज़ू का निर्माण भी प्रस्तावित है।
    :: इंफ्रास्ट्रक्चर : सुगम यातायात और डिजिटल पहचान ::
  • सड़क और पुल : मास्टर प्लान की सड़कों को समय सीमा में पूर्ण करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। कुशवाह नगर में नई सड़क के साथ शहर में 23 नए पुल और सुपर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।
  • डिजिटल इंदौर : डिजिटल सिटी पहल के तहत 35,000 घरों को डिजिटल आईडी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निगम के 30 लाख पुराने दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर प्रशासनिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।
    :: विपक्ष का अनूठा विरोध और हंगामे की गूंज ::
    विपक्ष ने विरोध के लिए अनूठे तरीके अपनाए। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे। वहीं, पार्षद कुणाल सोलंकी टी-शर्ट पर पियो नाली का पानी का स्लोगन लिखकर विरोध जताते दिखे, जबकि राजू भदौरिया गंदे पानी की बोतल लेकर पहुंचे। शोर-शराबे के कारण सभापति को कुछ समय के लिए साउंड सिस्टम बंद करना पड़ा। अब बुधवार को इस बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा और तीखी बहस होने के आसार हैं।