श्वानों के समर्थन में आएं श्वान समर्थक

इंदौर

इन्दौर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अव्हेलना करते हुए इंदौर नगर निगम प्रशासन द्वारा बिना शेल्टर बनाये स्वस्थ व शांत श्वानों को उठाकर जहां तहां फेंका जा रहा है। यह आरोप लगाते शहर के श्वान समर्थक पशु प्रेमियों और विभिन्न एनजीओ ने इकट्ठा होकर श्वानों के समर्थन में आवाज उठाई। इंदौर के सेल्फी पॉइंट पलासिया पर एकत्रित हुए इन श्वान समर्थकों का कहना है कि अभी कोर्ट में मामला विचाराधीन है फिर भी प्रशासन अपनी मनमानी करते हुए इन मूक जीवों पर क्रूरता कर रहा है। इन्होंने एक स्वर में कहा कि हमारे हिन्दू धर्म में गोमाता के साथ ही हर प्रकार के पशुओं को भगवान से किसी न किसी रूप में जोड़ा गया है। जिसमें भगवान शिव की सवारी के रूप में श्वानों को भी पूजा गया है। गरुड़ पुराण से लेकर महाभारत तक मे इनका जिक्र है। इंसानी आजादी के साथ ही इनको भी आजादी से जीने का अधिकार होना चाहिए। नगर निगम शेल्टर बनाने की जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है क्योंकि उन्हें श्वानों के शेल्टर बनाने के लिए पैसा, जगह, फंड, देखरेख सबकी आवश्यकता है। इसलिए उन्हें रीलोकेट करने का क्रूरता पूर्ण आसान रास्ता अपना रहा है। श्वान समर्थकों का कहना है कि उनकी सरकार व सुप्रीम कोर्ट से मांग हैं कि मानवीय रूप से श्वानों को भी जीव और इकोसिस्टम के भाग की तरह देखते हुए श्वानों की समस्या का एकमात्र कानूनी रास्ता एबीसी (पशु नियंत्रण कार्यक्रम) को लागू करे, इतनी संख्या में शेल्टर बनाकर रखना व्यवहारिक नहीं है। इन्होंने सुझाव दिया कि क्रूर श्वानों को अलग से एकांत में रखा जा सकता है।