चेन्नई । तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को कांग्रेस ने समर्थन देने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान टीवीके को समर्थन देने का प्रस्ताव पास किया है और जल्द ही इसका आधिकारिक पत्र जारी किया जा सकता है। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस ने 2021 और 2026 का चुनाव द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन अब वह विजय के साथ सरकार बनाने की ओर कदम बढ़ा रही है। चर्चा है कि कांग्रेस इसके बदले कैबिनेट में दो मंत्री पद और कुछ सरकारी बोर्डों के अध्यक्ष पद की मांग कर सकती है।
राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है, जबकि टीवीके को 108 सीटें हासिल हुई हैं। कांग्रेस के पांच निर्वाचित विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विजय के पास कुल 113 विधायकों का साथ हो जाएगा। हालांकि, बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी भी 5 और विधायकों की जरूरत है। बताया जा रहा है कि टीवीके नेतृत्व वीसीके, लेफ्ट और अन्य छोटे दलों के संपर्क में है ताकि सरकार गठन में कोई बाधा न आए। विजय बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं और संभवतः 7 मई को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।
गणितीय आंकड़ों के खेल में एक पेच यह भी है कि विजय ने दो सीटों—चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व—से जीत हासिल की है। निर्वाचन नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। यदि वे तिरुचिरापल्ली सीट छोड़ते हैं, तो उनकी पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी। इसके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त होने की स्थिति में प्रभावी मतदान क्षमता 106 तक गिर सकती है, जिससे गठबंधन को अतिरिक्त समर्थन जुटाने के लिए और अधिक मशक्कत करनी होगी। फिलहाल चेन्नई स्थित विजय के आवास पर विधायकों की बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस विधायकों के भी जल्द ही उनसे मुलाकात करने की संभावना है। यदि यह गठबंधन सफल होता है, तो तमिलनाडु में दशकों पुराने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।

