:: आठ बसों से वसूला 2.26 लाख का जुर्माना, नियमों की अनदेखी पर दो बसों का फिटनेस निरस्त ::
इंदौर । शहर में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ हो रहे खिलवाड़ पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बड़ा प्रहार किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर आरटीओ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को स्टार चौराहे पर बसों की सघन जांच की। इस दौरान परमिट शर्तों का उल्लंघन करने और सुरक्षा मानकों में खामियां पाए जाने पर आठ बसों से 2.26 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया, वहीं सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाली दो बसों का फिटनेस प्रमाणपत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई बसें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की आड़ में अवैध रूप से स्टेज कैरिज यानी स्थानीय यात्री बस के रूप में संचालित की जा रही थीं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। कार्रवाई के दौरान जिन बसों में इमरजेंसी एग्जिट के दरवाजे बंद मिले और फायर एक्सटिंग्विशर यानी अग्निशमन यंत्र खराब हालत में पाए गए, उन्हें प्रशासन ने सीधे निशाने पर लिया।
संयुक्त कार्रवाई में शामिल आरटीओ प्रदीप शर्मा और एसडीएम घनश्याम धनगर ने बस संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए अब बसों में भी फ्लाइट की तर्ज पर सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन हो। बस के परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को सफर शुरू होने से पहले आपातकालीन स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दें। साथ ही, यात्रियों को इमरजेंसी एग्जिट, कांच तोड़ने के लिए रखे गए हैमर और उनके सही उपयोग के बारे में स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा बसों में किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान एआरटीओ राजेश गुप्ता और उड़नदस्ता टीम प्रभारी आकाश सिठोले भी मौजूद रहे। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के बस ऑपरेटरों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।

