दिल्ली पुलिस पर जॉन ब्रिटास का आरोप: सुप्रीम कोर्ट में उठा गैर-कानूनी हिरासत का मामला

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नई दिल्ली । सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस पर गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने, घसीटते हुए गाड़ी में डालने और सीआरपीएफ द्वारा परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी आपबीती भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के सामने रखी, जिन्होंने उनके पत्र को एक अंतरिम याचिका में बदल दिया।
सुनवाई के बाद सांसद ब्रिटास ने सुप्रीम कोर्ट के रुख पर संतोष व्यक्त कर कहा कि सीजेआई ने उन्हें तथ्यों के साथ पूरी सुनवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी तथ्यों की बाद में गहन जांच की जाएगी। यह अंतरिम याचिका इंडिया गठबंधन द्वारा चुनाव आयोग (ईसीआई) के खिलाफ दायर बड़ी याचिका के साथ जोड़ दी गई है।
ब्रिटास ने मुख्य न्यायाधीश को उन भयानक घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया, जिनका उन्हें सामना करना पड़ा था। उन्होंने दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा कथित दुर्व्यवहार का विवरण दिया। सांसद ब्रिटास ने सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त किया कि उनके पत्र को गंभीरता से लेकर याचिका में परिवर्तित कर दिया गया है।
सांसद ब्रिटास को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आएगा और वे कानूनी व राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कोर्ट चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके, दिल्ली पुलिस के मनमाने फैसलों और राजधानी में हो रहे दमन व अत्याचार जैसे तमाम मुद्दों पर गौर करेगा। ब्रिटास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इन मुद्दों से अनजान नहीं है और उन्हें विश्वास है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश और उनकी पीठ याचिका में उठाए गए इन सभी मामलों पर न्यायपूर्ण फैसला सुनाएगी।