नैनीताल । उत्तराखंड के प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से प्रकृति का एक रोमांचक और दुर्लभ दृश्य सामने आया है, जहां हाथियों का एक झुंड रामगंगा नदी को तैरकर पार करता नजर आया। करीब 20 से 25 फीट गहरी नदी में हाथियों ने अद्भुत तालमेल और अनुशासन का परिचय देते हुए सुरक्षित तरीके से नदी पार की। यह वीडियो ढिकाला पर्यटन जोन का है, जो 16 दिसंबर को रिकॉर्ड किया गया था और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हाथियों के इस झुंड में नन्हें हाथी भी हैं, जो रोमांच पैदा करते हैं। बताया जाता है, कि करीब 23 सेकेंड के इस वीडियो को वन्यजीव प्रेमी और नेचर गाइड संजय छिम्वाल ने अपनी सफारी के दौरान कैमरे में कैद किया था, जो अब वायरल हुआ है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि झुंड में नन्हे हाथी भी शामिल हैं, जिन्हें बड़े और अनुभवी हाथी बीच में रखकर सुरक्षित आगे बढ़ रहे हैं। तेज बहाव और अधिक गहराई के बावजूद हाथियों ने बिना किसी घबराहट के नदी पार की, जो उनकी प्राकृतिक समझ और सामूहिक व्यवहार को दर्शाता है।
वन्यजीव प्रेमी संजय छिम्वाल ने मीडिया को बताया कि आमतौर पर लोग हाथियों को भारी-भरकम शरीर के कारण कम फुर्तीला समझते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। हाथी न केवल पहाड़ चढ़ने में सक्षम होते हैं, बल्कि वे बेहतरीन तैराक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि यह वीडियो हाथियों की ताकत, धैर्य और प्राकृतिक कौशल का जीवंत उदाहरण है। छिम्वाल के अनुसार, यह दृश्य कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला जोन में सफारी के दौरान देखा गया। झुंड पूरी तरह अनुशासित था—अनुभवी हाथी आगे रास्ता बना रहे थे, जबकि छोटे हाथियों को बीच में सुरक्षा दी जा रही थी। यह दृश्य हाथियों की सामाजिक संरचना, नेतृत्व क्षमता और आपसी सहयोग को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला बताते हैं, कि कॉर्बेट केवल बाघों के लिए नहीं, बल्कि हाथियों की बड़ी आबादी के लिए भी जाना जाता है। वर्ष 2010 में यहां 979 हाथी थे, जो 2015 में बढ़कर 1035 हो गए और 2020 की गणना में इनकी संख्या 1260 से अधिक दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों के लिए नदी पार करना सामान्य है और हाथी इसे आसानी से कर लेते हैं।
वहीं, भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड उत्तर भारत मंा हाथियों का सबसे सुरक्षित आवास बनकर उभरा है। देशभर में जहां करीब 22,446 हाथी हैं, वहीं अकेले उत्तराखंड में 1,792 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। कॉर्बेट से सामने आया यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित करता है।

