नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस से मुलाकात की। यह मुलाकात दूसरे डब्ल्यूएचओ वैश्विक शिखर सम्मेलन के इतर हुई, जिसमें वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डब्ल्यूएचओ प्रमुख के बीच पारंपरिक चिकित्सा की अपार संभावनाओं, समग्र स्वास्थ्य और निवारक देखभाल को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि डॉ. टड्रोस के साथ उनकी चर्चा अत्यंत सार्थक रही। उन्होंने लिखा कि बातचीत के दौरान समग्र स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्रोत्साहित करने में पारंपरिक चिकित्सा की भूमिका पर विशेष रूप से विचार किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां न केवल उपचार का साधन हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर साक्ष्य-आधारित पद्धतियों के रूप में विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों के आधार पर पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाई जा सकती है। साथ ही, उन्होंने इस क्षेत्र में देशों के बीच सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर भी बल दिया।

