एयर इंडिया और इंडिगो के कैप्टनों को दूसरी एयरलाइंस से आ रहे फोन
नई दिल्ली । भारत की दो प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया पायलटों की कमी से जूझ रही हैं। हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई भारी अव्यवस्था ने एक बड़े संकट को जन्म दिया है। नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों के लागू होने के बाद पायलटों की उपलब्धता घट गई है, जिसके चलते अब इंडिगो और एयर इंडिया के बीच अनुभवी कैप्टनों को अपनी ओर खींचने की होड़ मची है। हालत यह है कि पायलटों को लुभाने के लिए कंपनियां 50 लाख रुपए तक के भारी-भरकम ज्वाइनिंग बोनस की पेशकश कर रही हैं।
एयरलाइन इंडस्ट्री में आमतौर पर एचआर टीमें खर्चों को लेकर काफी सख्त रहती हैं, लेकिन ऑपरेशनल संकट ने उन्हें घुटनों पर ला दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया और इंडिगो के कैप्टनों को दूसरी एयरलाइंस से फोन आ रहे है, जिनमें उन्हें 50 लाख रुपए तक के बोनस का ऑफर दिया जा रहा है। बता दें इंडिगो ने पहले भी अनुभवी पायलटों को अपने साथ जोड़ने के लिए 15 से 25 लाख का बोनस दिया था ताकि वे अपनी पुरानी कंपनी का बॉन्ड चुका सकें। अब यह राशि दोगुनी हो चुकी है।
भारतीय पायलट बेहतर सुविधाओं और वेतन के लिए वियतनाम और मिडिल-ईस्ट की एयरलाइंस का रुख कर रहे हैं। एक पूर्व कैप्टन के मुताबिक अगर भारत में काम करने की स्थिति नहीं सुधरी, तो पायलटों का पलायन रोकना मुश्किल होगा। एयर इंडिया फिलहाल अपने भविष्य के विस्तार को देखते हुए भर्ती कर रही है ताकि उसे इंडिगो जैसे मौजूदा संकट का सामना न करना पड़े। पायलटों की नाराजगी दूर करने दोनों एयरलाइंस कंपनियों ने अपनी तिजोरी खोल दी है। इंडिगो अगले महीने से भत्तों में बढ़ोतरी कर पायलटों की सैलरी में इजाफा करने का ऐलान किया है। वहीं एयर इंडिया जनवरी के पहले हफ्ते में एक बड़ी पॉलिसी लाने की तैयारी में है, जिससे पायलटों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी जानकारी अभी गुप्त रखी गई हैं।
सरकार ने पायलटों की थकान कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए एफडीटीएल नियमों को सख्त किया है। एक ही फ्लाइट शेड्यूल को चलाने के लिए अब पहले की तुलना में ज्यादा पायलटों की जरूरत है। इंडिगो ने डीजीसीए को भरोसा दिलाया है कि वह केवल जनवरी महीने में ही करीब 100 नए पायलटों की भर्ती करेगी ताकि उड़ानों में देरी या कैंसिलेशन की समस्या दोबारा न जूझना पड़े।

