जब रियलिटी शो में रणनीति अक्सर समझौते का दूसरा नाम बन जाती है, तब कुछ चेहरे ऐसे भी होते हैं जो भीड़ के साथ बहने के बजाय अपनी अलग लकीर खींचते हैं। ‘50’ के घर में कदम रखते ही निक्की तंबोली ने वही किया, जिसकी उनसे उम्मीद भी थी और शायद डर भी। पहले ही दिन उन्होंने साफ कर दिया कि वह किसी को खुश करने, समीकरण साधने या मंज़ूरी पाने नहीं आई हैं—वह आई हैं अपने सच, अपने सिद्धांतों और अपने आत्मसम्मान के साथ खेलने। यह सिर्फ एंट्री नहीं थी, बल्कि एक स्टेटमेंट था। जहां बाकी कंटेस्टेंट्स माहौल को परखने, रिश्तों की गणित समझने और अपनी बातों को सुरक्षित दायरे में रखने में लगे थे, वहीं निक्की ने ईमानदारी को अपनी सबसे बड़ी ताक़त बना लिया।

