ग्लैमर के पीछे का सच उजागर करती पूनम 

मनोरंजन

टीवी की रंगीन दुनिया जितनी चमकदार दिखती है, उसके पीछे संघर्ष की परछाइयाँ उतनी ही गहरी हैं। जर्नलिस्ट्स मीडिया एसोसिएशन महाराष्ट्र राज्य कमेटी के नए साल 2026 के कैलेंडर लॉन्च के अवसर पर जब सिंटा  की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों से बातचीत हुई, तो कैमरों के पीछे छुपी कलाकारों की सच्चाई सामने आई। यह बातचीत सिर्फ़ एक संगठनात्मक चर्चा नहीं, बल्कि उन हज़ारों टीवी आर्टिस्टों की आवाज़ थी, जो रोज़ मेहनत करते हैं लेकिन समय पर मेहनताना पाने के लिए भी संघर्ष करते हैं।पूनम ढिल्लों ने बताया कि आज भी टीवी आर्टिस्टों को उनका पेमेंट 90 दिनों बाद मिलता है। हालात और भी गंभीर तब हो जाते हैं जब 1-2 दिन के कैरेक्टर रोल करने वाले कलाकारों से कई बार प्रोड्यूसर्स एग्रीमेंट तक नहीं बनवाते। ऐसे में उनका मेहनताना न सिर्फ़ देर से मिलता है, बल्कि कई मामलों में मिलता ही नहीं।