टेलिस्कोप का अविष्कार नीदरलैंड में नहीं भाई………….भारत में हुआ था

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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

ऐसा हम नहीं ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर कह रहा
नई दिल्ली । कर्नाटक के प्रसिद्ध होयसला मंदिरों में सदियों पुराने पत्थर पर बनी एक नक्काशी ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरु कर दी है। एक ऑस्ट्रेलियाई यात्री ने दावा किया है कि मंदिर की दीवार पर ऐसा चित्र उकेरा गया है, जिसमें एक व्यक्ति हाथ में टेलिस्कोप जैसा उपकरण पकड़े दिखाई दे रहा है। वह भी तब जब इतिहास के अनुसार दुनिया में टेलिस्कोप का आविष्कार ही नहीं हुआ था।
दरअसल ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर ने होयसला मंदिर से वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन लिखा कि ये वीडियो आपको दिमाग खोल देगा। अपने वीडियो में वे कैमरे की ओर देखकर कहते हैं कि इतिहास की किताबों ने हमसे फिर झूठ बोला है। टेलिस्कोप…कहा जाता है कि इसका आविष्कार 1608 में नीदरलैंड में हुआ था।
इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर ने मंदिर की दीवार पर उकेरी गई नक्काशी की ओर इशारा करते हुए कहता हैं कि लेकिन देखिए, इस आविष्कार से 500-600 साल पहले ही यहां भारत में इस पत्थर में तराश दिया गया है। वीडियो में दिखाई देता है कि एक छोटा-सा आकृति-चित्र हाथ में लम्बी नली जैसी वस्तु आंख से लगाए ऊपर की ओर देख रहा है।
वह मंदिर की विशालता और कारीगरी की भी खूब तारीफ कर रहे हैं। कहते हैं कि यहां 20,000 से ज्यादा नक्काशियां हैं। यह बस एक हिस्सा था जिसे मैं दिखाना चाहता था। यह होयसला मंदिर है… समझ से परे।
रिचर्ड्स का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर कई यूजर ने भारत की प्राचीन विज्ञान और कला पर गर्व जताया। एक यूजर ने लिखा कि भारतीय अपने समय से आगे थे, जब यूरोप वाले गुफाओं में रह रहे थे, तब यहां शहर बस रहे थे। एक अन्य यूजर ने लिखा कि होयसला मंदिर वास्तव में दुनिया के आश्चर्यों में शामिल होने लायक है। कर्नाटक के होयसला मंदिर अपनी बारीक नक्काशी और अनोखी स्थापत्य शैली के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। यहां आने वाले इतिहासकार, पुरातत्वविद और यात्री अक्सर इसकी कलात्मक गहराई पर चकित रह जाते हैं।