नई दिल्ली । देश की राजधानी आज सोमवार से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सबसे बड़े वैश्विक आयोजनों में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की मेजबानी कर रही है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाला यह पांच दिवसीय आयोजन भारत मंडपम में हो रहा है, जहां दुनिया भर की 300 से अधिक कंपनियां अपने अत्याधुनिक एआई समाधान और भविष्य के गैजेट्स प्रदर्शित करेंगी। पीएम मोदी ने इसे भारत के लिए ग्रव का क्षण बताया है।
एआई समिट यानी ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ के दौरान आम जन प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे कि एआई तकनीक वास्तविक जीवन में कैसे काम करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से विशेषज्ञों और कंपनियों का भारत आना देश के युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
पांच दिवसीय एक्सपो का खास एजेंडा
प्रथम दिवस 16 फरवरी को विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच राउंडटेबल चर्चाएं होंगी। शाम 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी एक्सपो का उद्घाटन करेंगे, जहां एआई आधारित रोबोटिक्स, स्मार्ट हेल्थ डिवाइस, एग्री-ड्रोन और एडटेक प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए जाएंगे।
17 फरवरी यानी दूसरे दिन फोकस आम नागरिकों से जुड़े क्षेत्रों पर रहेगा। सरकार खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जेंडर सशक्तिकरण और दिव्यांगजनों की सहायता से संबंधित छह विशेष शोध पुस्तकों का विमोचन करेगी। इन शोधों में बताया जाएगा कि एआई की मदद से फसल उत्पादन बढ़ाने, रोगों की शुरुआती पहचान, व्यक्तिगत शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा प्रबंधन में कैसे क्रांतिकारी बदलाव संभव हैं।
तीसरे दिन 18 फरवरी को वैश्विक वैज्ञानिक, शोधकर्ता और थिंक टैंक अपनी अत्याधुनिक रिसर्च प्रस्तुत करेंगे। टेक कंपनियां लाइव डेमो के जरिए भविष्य की मशीनों और स्मार्ट सिस्टम्स की झलक दिखाएंगी।
19 फरवरी चौथे दिवस प्रधानमंत्री मोदी आधिकारिक संबोधन देंगे। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के प्रमुख सेम ऑल्टमेन और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स सहित 100 से अधिक वैश्विक दिग्गज उनके साथ बैठक करेंगे। इस दौरान भारत में एआई निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
अंतिम दिन 20 फरवरी को जीपीएआई काउंसिल की बैठक होगी, जिसमें सदस्य देश एआई को सुरक्षित, भरोसेमंद और जिम्मेदार बनाने की दिशा में साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे।
यह समिट न केवल तकनीकी नवाचार का मंच है, बल्कि यह संकेत भी है कि भारत वैश्विक एआई नेतृत्व की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

