नई दिल्ली । बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों और नई सरकार के गठन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद संभालने के साथ ही दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में सकारात्मक हलचल तेज हो गई है। पिछले एक साल से अधिक समय से दोनों देशों के बीच उपजी तल्खी अब धीरे-धीरे कम होती दिख रही है, जिसका सबसे बड़ा संकेत आगरतला-ढाका सीधी बस सेवा के दोबारा शुरू होने की कवायद से मिला है।
हाल ही में, ढाका से लगभग 155 किलोमीटर की दूरी तय कर एक लग्जरी बस त्रिपुरा की राजधानी आगरतला पहुंची। शुक्रवार को पहुंची इस बस ने शनिवार को वापस ढाका की ओर प्रस्थान किया। यह एक ट्रायल रन था, जिसे बांग्लादेश की नई सरकार के विशेष निर्देशों पर आयोजित किया गया था। परिवहन अधिकारियों का मानना है कि यदि तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मानक सही पाए जाते हैं, तो बहुत जल्द ही नियमित व्यावसायिक बस सेवा को फिर से बहाल कर दिया जाएगा।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए एक शुभ संकेत बताया है। उनका कहना है कि बांग्लादेश में एक निर्वाचित और स्थिर सरकार बनने से जो अनिश्चितता का माहौल था, वह अब खत्म हो गया है। उल्लेखनीय है कि आगरतला-ढाका बस सेवा की शुरुआत ऐतिहासिक रूप से वर्ष 2003 में हुई थी। कोविड-19 महामारी के दौरान इसे कुछ समय के लिए रोका गया था, लेकिन जून 2022 में यह पुनः शुरू हुई थी। हालांकि, अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद उत्पन्न हुए द्विपक्षीय तनाव और सुरक्षा कारणों के चलते इसे एक बार फिर बंद करना पड़ा था।
बस सेवा के साथ-साथ, भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं के सामान्य होने की खबरें भी जोर पकड़ रही हैं। जनवरी और फरवरी के आसपास सुरक्षा हालातों को देखते हुए गैर-जरूरी यात्राओं के लिए वीजा जारी करने पर तकनीकी रोक लगा दी गई थी, हालांकि चिकित्सा और आपातकालीन कारणों से वीजा मिल रहे थे। अब नई सरकार के गठन के बाद वीजा सेवाओं को रीस्टार्ट मोड में माना जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि भारत भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद वीजा सेवाओं को सामान्य कर सकता है।
भारत की ओर से भी संबंधों को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं तारिक रहमान को चुनाव में जीत की बधाई दी, वहीं लोकसभा अध्यक्ष और विदेश सचिव ने ढाका में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर कूटनीतिक शिष्टाचार को मजबूती दी। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर भारतीय विदेश मंत्री का ढाका दौरा करना भी इस बात का प्रमाण है कि भारत पड़ोसी देश के साथ नए सिरे से मजबूत और विश्वास आधारित रिश्ते बनाने के प्रति गंभीर है।

