भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़े, 2050 तक स्थिति और गंभीर हो सकती है

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-स्टडी में दावा- 1990 और 2023 के बीच भारत में करीब 1.3 गुना बढ़े मामले
नई दिल्ली । कैंसर का नाम सुनते ही सिर्फ मरीज ही नहीं पूरा परिवार परेशान हो जाता है। भारत में तेजी से बढ़ते कैंसर के मामले चिंता की बात है। खासकर महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर के आंकड़े जितनी तेजी से बढ़ रहे हैं, उन पर वक्त रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो 2050 तक स्थिति गंभीर हो जाएगी। 204 देशों में हुई एक स्टडी के मुताबिक 1990 और 2023 के बीच भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामले करीब 1.3 गुना बढ़ गए हैं। स्टडी का अनुमान है कि अगर 6 रिस्क फैक्टर्स को ठीक नहीं किया गया, तो 2050 तक मामलों में और भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्टडी में कहा गया है कि भारत में मामलों की दर 1990 में प्रति 1 लाख महिलाओं पर 13 से बढ़कर 2023 में प्रति 1 लाख पर 29.4 हो गई है। इसी टाइम फ्रेम में उम्र के हिसाब से मृत्यु दर 8.9 से बढ़कर 15.5 हो गई, जिससे भारत में ब्रेस्ट कैंसर से होने वाली मौतों में 74फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दुनिया भर में ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में कैंसर से जुड़ी बीमारी और समय से पहले मौत का मुख्य कारण बना हुआ है। 2023 के एक अनुमान है कि ब्रेस्ट कैंसर के 23 लाख नए मामले सामने आएंगे और 7.6 लाख मौतें होंगी। स्टडी में यह भी कहा गया है कि 2050 तक बेहतर इलाज के बावजूद मामले एक तिहाई बढ़कर 35 लाख हो सकते हैं।
टाटा मेमोरियल सेंटर की स्टडी से पता चला है कि कई मॉडर्न कैंसर की दवाएं खासकर इम्यूनोथेरेपी भारत और दुनिया भर में ज्यादातर लोगों के लिए बहुत महंगी हैं। स्टडी के मुताबिक इम्यूनोथेरेपी दवा, पेम्ब्रोलिजुमाब का 6 महीने का कोर्स ज्यादातर भारतीयों की औसत महीने की इनकम से करीब 80 गुना महंगा है। दुनिया भर में 2023 में 55 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के नए मामलों का पता 20-54 साल की महिलाओं की तुलना में 3 गुना ज्यादा चला। हालांकि 1990 से 20-54 साल की महिलाओं में नए मामलों की दर बढ़ी है, जबकि ज्यादा उम्र की महिलाओं में दर में कोई खास बदलाव नहीं आया है। आगे कहा गया है कि ब्रेस्ट कैंसर की वजह से खराब होने वाले एक चौथाई से ज्यादा सेहतमंद साल छह बदले जा सकने वाले रिस्क फैक्टर की वजह से होते हैं, जिनमें ज्यादा रेड मीट खाना, तंबाकू, हाई ब्लड शुगर और हाई बीएमआई शामिल हैं।