कोलकाता । पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी के चालसा में ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न सरकारी समितियों और बोर्डों में अपने 23 से अधिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। अपनी चुनावी मुहिम को गति दी। गौरतलब है कि पिछले कुछ चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को इस समुदाय का सशक्त समर्थन मिलता रहा है, विशेषकर जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे जिलों में जहां यह समुदाय चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री ने ईस्टर से ठीक पहले सेंट लूसी चर्च का दौरा किया और प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। सोशल मीडिया पर अनुभव साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि उन्होंने सभी की खुशहाली और शांति के लिए प्रार्थना की है और चर्च के सदस्यों के साथ सार्थक चर्चा की। चुनाव आयोग को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री के तौर पर विभिन्न सरकारी समितियों और बोर्डों में अपने 23 से अधिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। नामांकन प्रक्रिया से पहले किसी भी कानूनी विवाद या लाभ के पद संबंधी शिकायतों से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिन प्रमुख पदों को उन्होंने छोड़ा है, उनमें स्टेट हेल्थ मिशन, स्टेट लैंड यूज बोर्ड, उर्दू अकादमी और स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ की अध्यक्षता शामिल है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग द्वारा सोमवार देर रात जारी की गई पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट से उन मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है, जिनकी न्यायिक जांच पूरी हो चुकी थी। बालीगंज के रहने वाले अनुभव दास और सिद्दीक आजम खान जैसे कई नागरिकों ने लिस्ट में अपना नाम वापस देखकर संतोष व्यक्त किया है। हालांकि, अभी भी कई ऐसे मतदाता असमंजस में हैं जिनके मामले विचाराधीन हैं। वे शुक्रवार को आने वाली अगली लिस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चुनाव आयोग की इस सक्रियता के बीच राज्य का चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है।

