अप्रैल के अंत तक पूरे होंगे लवकुश फ्लाईओव्हर और तुलसी नगर सड़क जैसे महत्वपूर्ण कार्य ::
इन्दौर । सांवेर विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर बदलने के उद्देश्य से चल रहे करीब 700 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कमर कस ली है। बुधवार देर शाम रेसीडेंसी कोठी पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन 15 प्रमुख प्रोजेक्ट्स की गहन समीक्षा की। इस बैठक में सम्भागायुक्त एवं आईडीए अध्यक्ष डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मंत्री ने गुणवत्ता और गति को लेकर कड़े निर्देश दिए।
मंत्री सिलावट ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उन कार्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा जो 80 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुके हैं, और उन्हें अप्रैल माह के भीतर ही जनता को समर्पित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें मुख्य रूप से 13 करोड़ की लागत वाला लवकुश फ्लाईओव्हर सर्विस रोड सुधार कार्य और 9 करोड़ की लागत से बन रही तुलसी नगर की सड़क शामिल है। इसके अतिरिक्त, टीपीएस-03 योजना के तहत लसूड़ियामोरी और मायाखेड़ी क्षेत्र में 286 करोड़ की लागत से बन रही मास्टर प्लान की 6 सड़कों के काम में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि क्षेत्र के यातायात को सुगम बनाया जा सके।
समीक्षा के दौरान बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कान्ह नदी पर 26 करोड़ की लागत से बन रहे हाई लेवल रिवर ब्रिज की मजबूती और फिनिशिंग को लेकर मंत्री ने स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने की इच्छा जताई। वहीं, कैलोद हाला में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज की टेंडर प्रक्रिया को जल्द से जल्द निपटाने के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव से चर्चा करने के निर्देश दिए। एबी रोड से बायपास को जोड़ने वाली एमआर-11 सड़क के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए वहां निवासरत नागरिकों को उनकी सहमति से किराए पर या वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराकर कार्य शुरू करने की योजना बनाई है।
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माणाधीन कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि सांवेर का विकास केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए, जिससे आम जनता को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

