:: मनीष शर्मा मामा पहुंचे अस्पताल, आवारा कुत्तों के आतंक ने खोली नगर निगम के दावों की पोल ::
इंदौर । स्वच्छता में सात बार नंबर वन रहने वाले इंदौर की सड़कों पर अब आवारा कुत्तों का खौफ रेंग रहा है। स्थिति यह है कि आम जनता तो दूर, अब शहर की सरकार चलाने वाले जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं रहे। ताजा मामला एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा मामा से जुड़ा है, जिन्हें एक आवारा कुत्ते ने अपना शिकार बना लिया।
घटना के तुरंत बाद घबराए हुए मनीष शर्मा हुकुमचंद शासकीय अस्पताल (लाल अस्पताल) पहुंचे, जहाँ उन्होंने एंटी-रेबीज का टीका लगवाया। डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के साथ जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है। इस घटना ने नगर निगम के पशु नियंत्रण और नसबंदी अभियान की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। शहर के लगभग हर मोहल्ले और मुख्य मार्ग पर कुत्तों के बढ़ते झुंड अब राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि जब सुरक्षा घेरे में रहने वाले जनप्रतिनिधि ही महफूज नहीं हैं, तो आम नागरिकों और मासूम बच्चों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? प्रशासन की सुस्ती अब शहर की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।

