:: धुआं उठते ही सक्रिय हुआ सिस्टम; आयुक्त के निर्देश पर स्टाफ ने सीखे जीवन रक्षा और आग पर काबू पाने के गुर ::
इंदौर । अस्पताल के गलियारों में जब अचानक फायर अलार्म की गूंज सुनाई दी और धुआं उठा, तो पल भर के लिए हलचल मच गई, लेकिन यह कोई वास्तविक हादसा नहीं बल्कि जीवन बचाने की एक जीवंत रिहर्सल थी। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार, शहर को अग्नि हादसों से अभेद्य बनाने के संकल्प के साथ आज अरविंदो हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा इंतज़ामों को कसौटी पर परखा गया।
इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल जैसे सघन चिकित्सा परिसर में आग लगने की स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को कम करना और वहां उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग के प्रति स्टाफ को पारंगत करना रहा। फायर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर आग लगने की संभावित परिस्थितियों का सजीव प्रदर्शन किया और नर्सिंग स्टाफ व डॉक्टरों को फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन से लेकर मरीजों की सुरक्षित निकासी (इवैक्युएशन) की बारीकियाँ समझाईं।
विशेषज्ञों ने स्टाफ को मंत्र दिया कि आपदा की घड़ी में संयम ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। घबराने के बजाय यदि चरणबद्ध तरीके से बचाव कार्य किया जाए, तो बड़ी से बड़ी आपदा को टाला जा सकता है। इस महत्वपूर्ण अभ्यास सत्र में नगर निगम के भवन निरीक्षक उद्देश्य तिवारी, प्रभारी फायर ऑफिसर विनोद मिश्रा, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि और अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न संस्थानों में इस तरह की ड्रिल का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका को शून्य किया जा सके।

