नई दिल्ली । देश के अधिकांश हिस्से इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण गर्मी की चपेट में हैं। कई राज्यों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक ओर राहत भरी खबर दी है, तो दूसरी ओर कुछ राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि देश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ होने वाली बारिश तापमान में गिरावट लाएगी, जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों को सुकून मिल सकता है।
राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में वर्तमान में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। बीते 24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश का प्रयागराज 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू चलने का अलर्ट जारी किया है। विशेषकर उत्तर प्रदेश में 27 अप्रैल तक तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोत्तरी होने की आशंका जताई गई है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है।
मैदानी इलाकों में जहां गर्मी का सितम है, वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 27 से 30 अप्रैल के दौरान भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। असम और मेघालय में 26 और 27 अप्रैल को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भीषण तूफान की भी आशंका है। इस भारी बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में भी मौसम के मिजाज में बदलाव दिखेगा। झारखंड में 26 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मौसम उमस भरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और लू प्रभावित इलाकों में दोपहर के वक्त घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, किसानों को ओलावृष्टि से पहले फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है।

