ओंकारेश्वर पहुंचेंगे 6 करोड़ श्रद्धालु, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने की समीक्षा बैठक ::
इंदौर । सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर प्रदेश सरकार ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) संजय दुबे ने निर्देश दिए हैं कि ओंकारेश्वर में किए जाने वाले सभी निर्माण कार्यों में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों का खाका सिंहस्थ के व्यस्ततम समय में संभावित भीड़ और दर्शन क्षमता के अनुरूप ही तैयार किया जाए।
अपर मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि भीड़ के सुचारू प्रबंधन के लिए होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएं। साथ ही, आमजन और विशिष्टजनों (वीआईपी) के लिए अलग-अलग कॉरिडोर और आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों के लिए इमरजेंसी मेडिकल रूट की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पेयजल और घाटों के समीप विशेष कुंड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग पॉइंट, ई-कार्ट, बैटरी संचालित साइकिल और व्हीलचेयर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। श्री दुबे ने मास्टर प्लान के अनुरूप वन विभाग से जुड़ी अनुमतियां शीघ्र प्राप्त करने और गृह विभाग के जवानों को मंदिर, घाट व पार्किंग क्षेत्रों के लिए स्पॉट ट्रेनिंग देकर तैनात करने की बात कही। बैठक से पूर्व उन्होंने स्वयं निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
बैठक में खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के दौरान ओंकारेश्वर में करीब 6 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस भारी दबाव को देखते हुए मोरटक्का रेलवे स्टेशन, कोठी से ओंकारेश्वर लेफ्ट बाईपास और ओंकारेश्वर से कोठी राइट बाईपास रोड सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों पर तेजी से काम किया जा रहा है। बैठक में मप्र पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी सहित लोक निर्माण, स्वास्थ्य, वन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

