इंदौर में सजेगा ब्रिक्स सम्मेलन का अंतरराष्ट्रीय मंच, 9 जून से जुटेंगे 21 देशों के कृषि मंत्री

मध्य प्रदेश

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री का संबोधन : सरकार के ढाई साल पूरे, 8 से 10 मई तक मंत्रियों को देना होगा कामकाज का हिसाब ::
इंदौर/भोपाल । स्वच्छता के शिखर पर काबिज इंदौर अब वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पूर्व कैबिनेट सहयोगियों को संबोधित करते हुए प्रदेश की बढ़ती वैश्विक धमक और प्रशासनिक सक्रियता का खाका खींचा। उन्होंने बताया कि आगामी 9 से 13 जून तक इंदौर में ब्रिक्स (BRICS) देशों के कृषि मंत्रियों का भव्य सम्मेलन आयोजित होगा। इस पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित 21 देशों के कृषि मंत्री, नीति निर्धारक और दिग्गज वैज्ञानिक शामिल होकर वैश्विक कृषि परिदृश्य पर मंथन करेंगे।
राज्य सरकार के ढाई वर्ष का सफल कार्यकाल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अब परफार्मेंस ऑडिट की तैयारी कर ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी 8 से 10 मई के बीच हर विभाग की सघन समीक्षा की जाएगी। इस दौरान मंत्रियों को अपने विभागों और प्रभार वाले जिलों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों और भावी कार्ययोजना का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा। मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं कि 12 मई से पहले सभी जिलों में विकास समितियों की बैठकें अनिवार्य रूप से संपन्न की जाएं। इसके साथ ही निगम-मंडलों के अशासकीय पदाधिकारियों का भी राज्य स्तर पर उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) किया जाएगा।
:: सोलर मॉडल से आत्मनिर्भर बनेगा इंदौर नगर निगम ::
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम द्वारा खरगोन के जलूद में स्थापित 60 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट की जमकर सराहना की। उन्होंने इसे अन्य निकायों के लिए नजीर बताते हुए कहा कि ग्रीन बॉन्ड स्कीम के तहत पीपीपी मोड पर बना यह प्लांट निगम को सालाना 35 से 60 करोड़ रुपये की बिजली बचत कराएगा। डॉ. यादव ने प्रभार के मंत्रियों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों के नगरीय निकायों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित करें।
:: किसानों को 6520 करोड़ का भुगतान ::
खेती-किसानी और उपार्जन के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गेहूं खरीदी का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक 19 लाख किसानों के पंजीयन के साथ 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में 6520 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में श्रम स्टार रेटिंग की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के 554 कारखानों ने इसे अपनाया है। बैठक में मुख्यमंत्री ने उज्जैन की विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की वैश्विक प्रशंसा और हालिया चुनावी नतीजों के ऐतिहासिक महत्व पर भी विचार साझा किए।