भवन निर्माण के नाम पर 67 लाख की जालसाजी, क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी करने वाले ठेकेदार को दबोचा

मध्य प्रदेश

:: 9 से अधिक लोगों से अनुबंध कर अधूरा छोड़ा काम: अतिरिक्त राशि वसूलकर हुआ था फरार, भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज ::
इंदौर । भवन निर्माण के नाम पर शहर के कई लोगों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर जालसाज को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नौ से अधिक लोगों से मकान बनाने का अनुबंध किया और उनसे करीब 67 लाख रुपये की बेईमानी कर काम अधूरा छोड़ दिया। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस आयुक्त के दिशा-निर्देशों पर आर्थिक धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। दरअसल, आवेदक अंशुल जायसवाल सहित आठ अन्य पीड़ितों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी कि ठेकेदार महावीर सिंह सिकरवार ने उनके साथ भवन निर्माण का अनुबंध (एग्रीमेंट) किया था। आरोपी ने सभी को छह से आठ महीने के भीतर मकान बनाकर देने का आश्वासन दिया था, लेकिन दिसंबर 2025 में वह काम को अधूरा छोड़कर अचानक गायब हो गया।
:: लाखों रुपये अतिरिक्त वसूले, निर्माण भी किया घटिया ::
क्राइम ब्रांच द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आरोपी महावीर सिंह ने फरियादियों से अनुबंध की तय राशि के अलावा भी डरा-धमकाकर लाखों रुपये अतिरिक्त वसूल लिए थे। यही नहीं, उसने जो थोड़ा-बहुत निर्माण कार्य किया, वह भी तकनीकी रूप से बेहद त्रुटिपूर्ण और घटिया स्तर का था। जांच में पाया गया कि आरोपी ने कुल मिलाकर 45 लाख 81 हजार रुपये की नगद धोखाधड़ी की और कुल 67 लाख रुपये की बेईमानी कर आपराधिक न्यासभंग को अंजाम दिया।
:: सहयोगियों की तलाश में जुटी पुलिस ::
शिकायतों की विस्तृत जांच और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद क्राइम ब्रांच इंदौर की टीम ने आरोपी महावीर सिंह सिकरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) और 316(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि उसने इस तरह और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इसके साथ ही उसकी अन्य निर्माण साइटों और इस जालसाजी में शामिल सहयोगियों के संबंध में भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक विष्णु वास्कले और क्राइम ब्रांच की टीम की मुख्य भूमिका रही।