राजा रघुवंशी हत्याकांड – मेघालय हाई कोर्ट में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत निरस्ती याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

मध्य प्रदेश

इन्दौर/शिलांग | मेघालय हाई कोर्ट में जस्टिस डब्ल्यू. डिएंगडोह (Justice Wanlura Diengdoh) की एकल पीठ ने बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग वाली मेघालय सरकार की याचिका पर दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत इस पर जल्द ही अपना अंतिम निर्णय सुनाएगी, जिससे यह तय होगा कि आरोपी सोनम वापस जेल जाएगी या बाहर रहेगी। ज्ञात हो कि यह पूरा कानूनी विवाद ईस्ट खासी हिल्स पुलिस की एक बड़ी प्रशासनिक और तकनीकी चूक के बाद शुरू हुआ जब पुलिस ने रिमांड और गिरफ्तारी के आधिकारिक दस्तावेजों में नए आपराधिक कानून की हत्या संबंधी सही धारा—धारा 103(1) BNS—दर्ज करने के बजाय गलती से एक गलत धारा लिख दी थी। इस तकनीकी खामी को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए शिलॉन्ग की निचली अदालत ने अप्रैल में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। इस आदेश के खिलाफ मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की जिसकी सुनवाई दौरान महाधिवक्ता (Advocate General) ने तर्क रखा कि

  • सोची-समझी साजिश: – यह हनीमून के दौरान की गई एक सोची-समझी और क्रूर हत्या (Pre-planned Murder) का गंभीर मामला है।
  • तकनीकी खामी बनाम अपराध की गंभीरता:- पुलिस की एक मामूली टाइपिंग मिस्टेक या लिपिकीय त्रुटि (Typo Error) के आधार पर इतने जघन्य अपराध की मुख्य आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
  • सबूतों को खतरा:- आरोपी के बाहर रहने से मामले के महत्वपूर्ण गवाहों और सबूतों के प्रभावित होने का सीधा खतरा है।
    वहीं सोनम रघुवंशी के कानूनी पैनल ने सरकार के दावों का विरोध करते हुए निम्नलिखित तर्क रखे कि
  • प्रक्रियात्मक उल्लंघन:- पुलिस ने गिरफ्तारी के समय आरोपी को उसकी गिरफ्तारी के सही और ठोस कारणों की लिखित जानकारी नहीं दी थी, जो कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सीधा हनन है।
  • घटनास्थल पर गैर-मौजूदगी:- वकीलों ने दावा किया कि हत्या के वास्तविक घटना स्थल पर सोनम की कोई भौतिक उपस्थिति (Physical Presence) साबित नहीं होती है।
  • शर्तों का पालन: जमानत मिलने के बाद से सोनम लगातार शिलॉन्ग में ही रह रही है, वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है और उसने किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है।
    कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया है।
    बता दें कि इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी मई 2025 में सोनम से हुई थी। शादी के तुरंत बाद दोनों हनीमून के लिए शिलॉन्ग (मेघालय) आए थे। जहां राजा रघुवंशी के लापता होने के बाद उसका शव एक गहरी खाई से मिला था। पुलिस जांच के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के साथ मिलकर साजिश रची और राजा रघुवंशी की हत्या कर शव को चेरापूंजी के पास एक गहरी खाई में फेंक दिया।इस मामले में कथित प्रेमी राज कुशवाहा समेत अन्य चार सह-आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं और उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं वहीं सोनम जमानत मिलने के बाद फिलहाल शिलांग के ही एक होटल में अपने पिता के साथ जमानत शर्त के अनुसार न्यायिक क्षेत्र के भीतर ही रह रही है।

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