:: 10 हजार कंटूर ट्रेंच और व्यापक वृक्षारोपण से बढ़ेगा भू-जल स्तर ::
इंदौर । गंभीर नदी को पुनः अविरल और निर्मल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में नदी के जलागम क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) के संरक्षण और भू-जल संवर्धन के उद्देश्य से प्रशासन ने महू के भमती और रिछा पहाड़ियों का सीमांकन कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार को राजस्व और जनपद पंचायत के आला अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इन क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महू राकेश परमार, जनपद पंचायत महू के सीईओ गिर्राज दुबे और तहसीलदार विवेक सोनी ने प्रस्तावित मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की। योजना के अनुसार, इन पहाड़ियों पर लगभग 10 हजार सतत कंटूर ट्रेंच (सीसीटी) का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेंच के निर्माण और बड़े पैमाने पर किए जाने वाले वृक्षारोपण से वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सकेगा।
:: भू-जल स्तर और नदी के प्रवाह में होगा सुधार ::
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीसीटी निर्माण और सघन वृक्षारोपण से न केवल वर्षा जल भूमि के भीतर समाहित होकर भू-जल स्तर को बढ़ाएगा, बल्कि यह मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगा। यह प्रयास गंभीर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को मजबूत आधार प्रदान करेगा, जो नदी के दीर्घकालीन संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
:: जनभागीदारी से बदलेगी तस्वीर ::
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जल संरक्षण संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का निर्णय लिया है। जनपद पंचायत महू ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस पुनीत कार्य में सक्रिय सहयोग की अपील की है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से गंभीर नदी को उसका खोया हुआ गौरव लौटाना और उसे पुनः जीवनदायिनी स्वरूप प्रदान करना है।


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