खिड़की दरवाजों से आई डराने वाली आवाज
टोक्यों । जापान में रविवार तड़के करीब 2 बजे 5.9 तीव्रता के भूकंप से कई इलाके दहल उठे। जब लोग गहरी नींद में थे, तभी खिड़कियां और दरवाजे जोर-जोर से हिलने लगे और घरों में रखी चीजें गिरने लगीं। अचानक आए तेज झटकों से घबराए लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खुले स्थानों की ओर भागे। भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबारकी प्रांत में जमीन से करीब 70 किलोमीटर नीचे बताया गया। इबारकी के अलावा टोक्यो, साइतामा और चिबा में भी तेज झटके महसूस किए गए। जापान के सात-बिंदु वाले भूकंपीय पैमाने पर इसकी तीव्रता ‘लोअर 5’ दर्ज की गई। इस स्तर के झटकों में मकानों की दीवारों में दरारें आने और बिना सहारे रखी भारी वस्तुओं के गिरने का खतरा रहता है। राहत की बात यह रही कि भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।
पुराने जख्मों ने बढ़ाई दहशत
नए भूकंप के झटकों ने जापान के लोगों के हालिया त्रासदी के जख्म फिर ताजा कर दिए। कुछ सप्ताह पहले क्यूशू के कुमामोटो इलाके में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। उस हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 62 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। कई घायलों की हालत गंभीर बताई गई थी। बड़ी संख्या में इमारतों को नुकसान पहुंचा था, जिससे स्थानीय लोगों में भूकंप का डर अभी भी बना हुआ है।
मॉल हादसे की याद से सहमे लोग
पिछले विनाशकारी भूकंप के दौरान काशिमा शहर के एक बड़े मॉल में भी भयावह स्थिति पैदा हो गई थी। झटकों के बीच करीब 3,000 लोगों को पार्किंग क्षेत्र में सुरक्षित निकाला गया था। इसके बाद मॉल के एक हिस्से में गैस विस्फोट हुआ, जिससे दूसरी मंजिल का बड़ा हिस्सा ढह गया। मलबे में कई लोग फंस गए थे और राहत एवं बचाव दल ने भारी उपकरणों और क्रेन की मदद से कई दिनों तक अभियान चलाया था। रविवार तड़के आए नए झटकों ने लोगों को एक बार फिर उसी भयावह दौर की याद दिला दी। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भूकंप के बाद लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

