-बीजेपी सांसद ने जेएनयू प्रोफेसर पर लगे आरोपों पर राहुल से पूछा सवाल
नई दिल्ली । बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने रविवार को कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए जेएनयू की पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया। स्वराज ने कहा कि हम सब जानते हैं कि 9 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सांसद बिमोल अकोइजम को यौन दुराचार के आरोपों के चलते जेएनयू ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। मई 2026 में एक-दो नहीं, बल्कि 11 छात्रों ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जेएनयू ने पॉश एक्ट के तहत एक आंतरिक कमेटी गठित की। कमेटी ने तमाम साक्ष्यों, गवाहों और पीड़ितों की गवाही के आधार पर मामले की जांच की, जिसके बाद बिमोल अकोइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। यह कार्रवाई गंभीर सवाल उठाती है। स्वराज ने कहा कि आरोप बेहद परेशान करने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने स्टूडेंट्स को देर रात एकेडमिक असेसमेंट के लिए अपने घर बुलाया था, जिसमें एक वाइवा परीक्षा भी शामिल थी जो कथित तौर पर रात 11:40 बजे तक चली।
बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मैं राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहती हूं कि क्या पितृसत्ता का अंत आपके लिए महज एक राजनीतिक जुमला है? इस घटना ने कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर किया है। कांग्रेस के लिए नारीवाद की शुरुआत सिर्फ एक हैशटैग से होती है और जवाबदेही के मोर्चे पर आते ही दम तोड़ देती है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, देश आपकी चुनिंदा नाराज़गी, आपके मकसद से प्रेरित रुख पर, झूठे नैरेटिव पर सवाल उठाता है। इस आरोपी सांसद के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने अब तक न कोई जांच बैठाई है, न ही उनसे जवाबदेही तय करने के लिए कोई शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से किसी भी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया गया। राहुल गांधी क्या 11 छात्राओं की शिकायतों की गूंज आप तक नहीं पहुंची? या आप छात्रों की गूंज को सिर्फ एक छिछोरी कॉमेडी के लिए आवरण बना लिया है?

