नई दिल्ली (ईएमएस)। फरीदाबाद से नई दिल्ली रेल रूट पर चलने वाले लोकल मुसाफिरों के लिए राहत भरी खबर है। रोजाना चलती ट्रेन में तंग करते हुए वसूली कर रहा एक टीटीई आखिरकार विजिलेंस टीम के हत्थे चढ़ गया। पांच सदस्यीय गठित टीम ने जिस वक्त नकली टीटीई को पकड़ा। वह फुल यूनिफॉर्म में था। उसके पास से बरामद रेलवे की रसीद बुक २ साल पहले चोरी हुई थी। साथ ही आरोपी के पास से रेलवे के ही दस्तावेज बरामद हुए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार संदीप कुमार, रेल भवन रेल मंत्रायल में कार्यरत हैं। उनकी कंप्लेंट पर केस दर्ज हुआ है। काफी समय से लोकल रूट के मुसाफिरों से शिकायत मिल रही थी कि फरीदाबाद-नई दिल्ली के बीच में एक नकली टीटीई ट्रेन में टिकट चेक करता है। इस बाबत रेल मंत्रालय, रेल भवन से ओएसडी (टिकट जांच) के निर्देश पर टीम का गठन किया, जिसमें सेंट्रल टिकट जांच दल के उपमुख्य निरीक्षक संदीप चौरसे, विवेक सिघाई, हेमंत शर्मा, विनीत दीक्षित, सुमित डेहरिया शामिल थे। विजिलेंस टीम ने शनिवार रात अचानक कोसीकलां-नई दिल्ली ईएमयू में जांच शुरू की। टीम को इसी ट्रेन में एक शख्स टीटीई की वर्दी पहन कर टिकट जांच करते हुए दिखाई दिया। विजिलेंस टीम ने पहले उसकी हरकतों पर नजर रखी। फिर रोककर परिचय पत्र दिखाने के लिए कहा। हेकड़ी में आरोपी ने उलटा ही विजिलेंस टीम से पूछ लिया कि आप लोग कौन और किस हैसियत से आई कार्ड मांग रहे हो। जब विजिलेंस टीम ने अपना परिचय दिया, तभी वह फर्जी टीटीई सकपका गया। धक्का-मुक्की करते हुए वहां से भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक रेलवे की रसीद बुक, किराए की सूची और फर्जी पहचान पत्र मिला। जांच के दौरान पता चला कि जिस नंबर की रसीद बुक उसके पास से मिली है। इसके गायब होने की शिकायत दो साल पहले रेलवे की तरफ से पी के दहिया ने की थी, जबकि परिचय पत्र उत्तर मध्य रेलवे झांसी से जारी है। अफसरों ने आरोपी को नई दिल्ली जीआरपी के हवाले कर दिया। पुलिस ने एक अधिकारी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी की पहचान सोनीपत के राजीव नगर निवासी हरदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
झा/देवेन्द्र/ईएमएम/१७/दिसम्बर/२०१८/

