देवभूमि द्वारका का शिवराजपुर: भारत का विश्वस्तरीय ब्लू फ्लैग बीच

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वीजीआरसी 2026 में शिवराजपुर मॉडल बनेगा मुख्य आकर्षण, घरेलू पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर देने की तैयारी
अहमदाबाद | गुजरात का पर्यटन परिदृश्य आज एक नए वैश्विक मानक की ओर अग्रसर है, और इसका सबसे प्रभावशाली उदाहरण है देवभूमि द्वारका स्थित शिवराजपुर बीच का अद्भुत कायाकल्प जो राज्य का पहला ग्लोबल ब्लू फ्लैग बीच बनने का गौरव प्राप्त कर चुका है। यह उपलब्धि न केवल गुजरात की तटीय सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रही है, बल्कि राज्य में विश्वस्तरीय, टिकाऊ और आधुनिक पर्यटन अवसंरचना विकसित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘देखो अपना देश’ विजन को साकार करते हुए, शिवराजपुर बीच का यह परिवर्तन घरेलू पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्टता तक पहुँचाने की गुजरात की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है जहाँ भारत का प्रत्येक नागरिक बिना विदेश जाए विश्वस्तरीय समुद्र तट अनुभव का आनंद ले सकता है।
शिवराजपुर बीच: ब्लू फ़्लैग प्रमाणन के साथ गुजरात का नया वैश्विक तटीय गौरव
गुजरात की 2340 किमी लंबी तटरेखा पर स्थित शिवराजपुर बीच अपनी स्वच्छता, सुरक्षा और प्राकृतिक शांतिमय सौंदर्य के कारण देश-विदेश में पहले से ही विशिष्ट पहचान रखता है। ब्लू फ्लैग प्रमाणन ने इसे विश्वस्तरीय समुद्र तटों की श्रेणी में शामिल करते हुए एक प्रतिष्ठित गौरव प्रदान किया है। यह प्रमाणन न केवल पर्यावरणीय प्रबंधन और सुरक्षा मानकों का प्रमाण है, बल्कि गुजरात द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाओं और टिकाऊ तटीय अवसंरचना की सफलता का भी सशक्त संकेत है। गुजरात पर्यटन निगम लिमिटेड (टीसीजीएल) द्वारा 130 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित यह मॉडल प्रोजेक्ट अब राज्य के पर्यटन क्षेत्र की नई पहचान बन चुका है। यही सफलता आगामी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ़्रेंस (वीजीआरसी) राजकोट में केंद्र बिंदु बनने जा रही है, जहाँ कच्छ-सौराष्ट्र की तटीय और सांस्कृतिक बेल्ट में व्यापक निवेश अवसरों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है शिवराजपुर: निवेश और इवेंट टूरिज़्म का उभरता केंद्र
टीसीजीएल द्वारा तैयार की गई विकास परियोजनाओं में अत्याधुनिक अराइवल प्लाज़ा, स्नॉर्कलिंग प्लाज़ा, साइकिल ट्रैक, प्रोमेनेड, स्लज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण संरचनाएँ शामिल हैं, साथ ही 11 किमी से अधिक लंबी नई सड़क ने इस तटस्थल तक पहुँच और बेहतर बना दी है। शिवराजपुर बीच को पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाने हेतु चेंजिंग रूम, शावर रूम, चिल्ड्रन प्ले एरिया जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं। आने वाले महीनों में प्रस्तावित “बीच फेस्टिवल” और विभिन्न थीम-आधारित तटीय आयोजनों की शुरुआत, शिवराजपुर को एक अंतरराष्ट्रीय तटीय इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने जा रही है। वहीं, द्वारका-ओखा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा द्वारका, बेट द्वारका और शिवराजपुर के एकीकृत पर्यटन क्षेत्र के लिए बनाई जा रही व्यापक योजनाएँ इस पूरे सर्किट को राज्य के प्रमुख निवेश और पर्यटन विकास केंद्र में परिवर्तित करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होंगी।
आगामी वीजीआरसी कच्छ-सौराष्ट्र के पर्यटन परिदृश्य में खोलेगा निवेश के नए स्वर्णिम द्वार
10, 11 और 12 जनवरी 2026 को राजकोट में होने जा रहा वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ़्रेंस (वीजीआरसी) कच्छ-सौराष्ट्र पर्यटन सर्किट को केंद्र में रखते हुए प्रदेश के तटीय पर्यटन विकास के लिए एक निर्णायक मंच बनने जा रहा है। शिवराजपुर बीच का विश्वस्तरीय कायाकल्प इस पूरे क्षेत्र में पर्यटन निवेश की अपार संभावनाओं का आदर्श मॉडल बनकर उभरा है, जिसके आधार पर गुजरात सरकार निवेशकों को बड़े पैमाने पर आकर्षित करने की तैयारी में है।
वीजीआरसी सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत के अग्रणी निवेशकों और रणनीतिक साझेदारों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे देवभूमि द्वारका में प्रीमियम कोस्टल रिसॉर्ट्स, वाटर स्पोर्ट्स और तटीय एडवेंचर प्रोजेक्ट्स, कच्छ-सौराष्ट्र में इको-टूरिज़्म और हेरिटेज हॉस्पिटैलिटी, गिर क्षेत्र में वन आधारित पर्यटन तथा रण में सांस्कृतिक-अनुभवात्मक पर्यटन जैसे हाई-रिटर्न अवसरों में निवेश करें।