:: हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना : मुख्यमंत्री
:: विभाग ने दो वर्षों में 12 हजार किमी सड़क निर्माण और 99.6% शिकायत निवारण का रिकॉर्ड बनाया ::
भोपाल/इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति का आधार हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग प्रत्येक निर्माण कार्य को सिर्फ एक तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को सुधारने वाले साधन के रूप में देखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ प्रत्येक परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, यही प्रयास लोक निर्माण से लोक कल्याण की भावना को साकार करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हर सड़क, हर पुल, हर परियोजना जनता के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की हमारी संकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि मेट्रोपॉलिटन एरिया और समीपवर्ती क्षेत्रों में राजमार्गों का घनत्व बढ़ाया जाए तथा शीघ्र ही जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी, ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों सभी को अधोसंरचना विकास का लाभ प्राप्त हो, इस आधार पर प्रस्ताव की परिकल्पना की जाए। मुख्यमंत्री ने सतत संवहनीय विकास के लिए भवनों का निर्माण सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज पर ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना पर करने तथा ऊर्जा बचत सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के विकास में ग्रामीण क्षेत्र की सुविधाओं जैसे फ्लाई-ओवर, अंडर-पास और सर्विस लेन का ध्यान रखा जाए।
बैठक में बताया गया कि दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने 12 हजार किमी सड़क निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण कर अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। विभाग ने लोक पथ मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त 12,212 शिकायतों में से 12,166 का निवारण कर 99.6% समाधान दर प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने लोकपथ ऐप के उत्कृष्ट उपयोग की सराहना की और इसमें रियल टाइम सड़क की स्थिति को भी अपडेट करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी सुखवीर सिंह ने बताया कि विभाग ने पीएम गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग से रोड प्लानिंग और LPMS के माध्यम से प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के कार्य किए जा रहे हैं।
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना में प्रदेश में पहली बार राज्य वित्त पोषित एक्सप्रेसवे मॉडल के तहत उज्जैन–इंदौर, इंदौर–उज्जैन और भोपाल पूर्वी बायपास जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। सिंहस्थ 2028 के लिए 52 प्रमुख कार्यों पर ₹12 हज़ार करोड़ रुपये व्यय कर इन्हें जून 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर विभागीय न्यूज़ लेटर और पर्यावरण से समन्वय ब्रोशर का विमोचन भी किया।

