इंदौर में पीतल के पन्नों पर उकेरा गया रूस का संविधान

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:: भारत-रूस मित्रता को सम्मान देने के लिए कारोबारी लोकेश मंगल की अनूठी पहल ::
इंदौर । भारत और रूस के बीच प्रगाढ़ मित्रता को सम्मान देने के लिए इंदौर के एक मुद्रण उत्साही ने रूस के संविधान का ब्रास एडिशन (पीतल संस्करण) तैयार किया है। शहर के प्रसिद्ध व्यवसायी लोकेश मंगल, जो पीतल पर पुस्तकें मुद्रित करने के लिए जाने जाते हैं, ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा के बाद इस अनूठी कृति को पूर्ण किया है।
:: 56 पन्नों पर दर्ज है रूस का विधान ::
लोकेश मंगल ने बताया कि भारत और रूस पुराने और विश्वसनीय मित्र हैं। इसी प्रगाढ़ दोस्ती को यादगार बनाने के लिए उन्होंने रूसी संविधान के अंग्रेजी संस्करण को पीतल की परतों पर उकेरने का निर्णय लिया। रूसी संविधान के 9 अध्यायों और 137 अनुच्छेदों को कुल 56 पन्नों पर उकेरा गया है, जिसमें लगभग आधा किलोग्राम पीतल का उपयोग हुआ है। मशीनों के माध्यम से इस विशेष प्रति को तैयार करने में कारीगरों को करीब आठ घंटे का समय लगा।
:: धार्मिक ग्रंथों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मित्रता का संदेश ::
इससे पूर्व लोकेश मंगल रामायण, गीता और महाभारत जैसे पवित्र ग्रंथों को भी पीतल के पन्नों पर मुद्रित कर चुके हैं। उनका मानना है कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीतल को अत्यंत शुभ माना जाता है, इसलिए वे महत्वपूर्ण शास्त्रों और दस्तावेजों के लिए इसी धातु का चयन करते हैं।
:: पुतिन की यात्रा से मिली प्रेरणा ::
गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसी महीने भारत का दौरा किया था। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के लिए कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। लोकेश मंगल की यह कलाकृति उसी पीपुल-टू-पीपुल एक्सचेंज (जन-संवाद) और सांस्कृतिक जुड़ाव को समर्पित है।