उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी…अब आया बारिश का अलर्ट, 7 राज्य झेलेंगे मौसम की दोहरी मार

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नई दिल्ली । भारत के अधिकांश राज्यों में भीषण ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के पांच राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह राहत भरी खबर भी दी है कि आने वाले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के निवासियों को हाड़ कंपाने वाली ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। राजधानी दिल्ली में सोमवार को भी सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई, जिससे दृश्यता काफी कम रही और जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 29 दिसंबर को बारिश और उसके बाद 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक भारी बारिश या बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भी बर्फबारी और मैदानी हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है।
तापमान के उतार-चढ़ाव को लेकर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद के तीन दिनों में तापमान में फिर से 2 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। मध्य और पूर्वी भारत में अगले 24 घंटों तक स्थिति यथावत रहेगी, लेकिन उसके बाद वहां भी न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। देश के बाकी हिस्सों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
कोहरे और शीत लहर का संकट फिलहाल पूरी तरह टला नहीं है। 31 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम उत्तर प्रदेश में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोहरे का यह असर 1 जनवरी तक बने रहने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी घने कोहरे के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 29 दिसंबर को शीत दिवस जैसी स्थिति रहने का अनुमान है, जबकि पंजाब और हरियाणा में 30 दिसंबर को शीत लहर का प्रकोप देखा जा सकता है। नए साल के स्वागत के दौरान बारिश और बर्फबारी के इस मेल से पर्यटकों के चेहरे खिल सकते हैं, लेकिन मैदानी इलाकों में ठिठुरन बनी रहेगी।