भागीरथपुरा में रिंग सर्वे और फॉलोअप जारी; कलेक्टर और मिशन संचालक ने लिया जायजा

इंदौर

घर-घर पहुंच रही 16 टीमें; 24 घंटे चिकित्सा सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी ::
5079 घरों के सर्वे में 65 नए मरीज मिले; वर्तमान में 149 उपचाराधीन ::
इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित बीमारी के फैलाव के बाद रिंग सर्वे एवं फॉलोअप सर्वे का कार्य लगातार जारी है, जिसकी स्थिति का जायजा लेने आज कलेक्टर शिवम वर्मा एवं मिशन संचालक स्वास्थ्य डॉ. सलोनी सिडाना प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। कलेक्टर ने नगर निगम, स्वास्थ्य और पीएचई अमले के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे सर्वे और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को पानी उबालकर पीने और स्वच्छता रखने की समझाइश दी। मिशन संचालक डॉ. सिडाना ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए स्पष्ट किया कि उपचार और औषधियों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
:: 16 टीमें और 24×7 मॉनिटरिंग ::
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हासानी ने बताया कि फील्ड में 16 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंग स्टाफ और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। आज किए गए 5079 घरों के सर्वे में 25,395 लोगों की जांच की गई, जिनमें 65 हल्के लक्षण वाले नए मरीज पाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी को सुरक्षित करने के लिए क्लोरीवेट ड्रॉप्स वितरित किए जा रहे हैं। कलेक्टर के निर्देशानुसार क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस और राउंड द क्लॉक चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
:: उपचार और डिस्चार्ज की स्थिति ::
वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में कुल 149 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 20 मरीज आईसीयू में उपचाराधीन हैं। अब तक कुल 354 मरीजों में से 205 को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। गंभीर मरीजों को एमवाय, अरविंदो और बच्चों को चाचा नेहरू अस्पताल रेफर किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में भी नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सहायता हेतु अन्य जिलों से भी विशेषज्ञ चिकित्सक और एपिडिमियोलॉजिस्ट इंदौर बुलाए गए हैं।
:: हेल्पलाइन नंबर जारी ::
नागरिकों की सुविधा और त्वरित उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर 94065-05508 जारी किया है। प्रभावित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को उल्टी-दस्त के लक्षण दिखने पर इस नंबर पर तत्काल सूचना दी जा सकती है। स्वास्थ्य दल मरीजों से दवा का पूरा डोज लेने और माताओं को शिशुओं को केवल स्तनपान कराने का आग्रह कर रहे हैं।