:: मुख्यमंत्री के निर्देशों पर शहरभर में शुरू होगा सघन सर्वे ::
इंदौर । शहर में दूषित जल की आपूर्ति से उपजे संकट के त्वरित समाधान के लिए शनिवार को प्रशासनिक अमला एक्शन मोड में नजर आया। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जिला कलेक्टर शिवम वर्मा व नगर निगम के सभी अपर आयुक्तों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में सख्त निर्देश दिए गए कि शहर में जहाँ भी गंदे पानी की समस्या है, वहाँ नगर निगम की टीम अगले 48 घंटों के भीतर समाधान सुनिश्चित करे।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कठिन समय में जनता के साथ खड़ा होना और उनकी समस्याओं का निराकरण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में प्रदेश के सभी निकायों को दिए गए निर्देशों के अनुरूप पूरे इंदौर शहर में पेयजल लाइनों का सघन सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से लीकेज और ड्रेनेज मिक्सिंग वाले बिंदुओं को चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे। साथ ही नागरिकों को जल-जनित बीमारियों के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक के निर्णयों पर तत्काल अमल करते हुए नगर निगम की तकनीकी टीमों ने अति-प्रभावित भागीरथपुरा क्षेत्र में सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया है। यहाँ पाइपलाइन सुधार के साथ-साथ नागरिकों को पानी उबालकर पीने और स्वच्छता रखने की सलाह दी जा रही है। बैठक में जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा (बबलू), अपर आयुक्त अर्थ जैन, अभय राजनगांवकर, आकाश सिंह, मनोज पाठक सहित कार्यपालन यंत्री अश्विनी जनवदे एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेयजल सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

