अब तक 22 – भागीरथपुरा में लगातार बढ़ती जा रही मौतों की संख्या

इंदौर

इन्दौर भागीरथपुरा में इन्दौर नगर निगम द्वारा सप्लाई दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है अब तक नगर निगम द्वारा सप्लाई दूषित पानी से हुई 21 मौतों के बाद कल 22 वीं मौत के रूप में कमलाबाई उम्र उनसाठ साल निवासी नयापुरा जीवन की फेल, भागीरथपुरा की एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। इसके एक दिन पहले भागीरथपुरा में इन्दौर नगर निगम द्वारा सप्लाई पानी से सुनीता वर्मा पति सतीश उम्र उनपचास साल निवासी फर्शी वाली गली ने दम तोड दिया। सुनीता को 7 जनवरी को एमवायएच में भर्ती कराया गया था। उसकी मौत के साथ ही भागीरथपुरा में दूषित जल से प्रभावित मौतों के मामले 21 हो गये थे और अब कमलाबाई की मौत के बाद यह संख्या 22 हो गई है। हालांकि कमलाबाई की मौत को अस्पताल ने दूषित पानी से होने से इन्कार किया है। एमवायएच अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला पहले से क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थी और आउटब्रेक से पहले उसे डायलिसिस की सलाह दी गई थी, लेकिन यह नियमित रूप से नहीं कराया गया। अस्पताल के अनुसार महिला को उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ भर्ती नहीं किया गया था, बल्कि बढ़ते हुए यूरेमिक सीजर के कारण भर्ती किया था। वहीं क्षेत्रवासी मनोज कुमार के अनुसार कमलाबाई एक माह पहले पति तुलसीराम के साथ उनके मकान में किराए से रहने आई थीं। छह जनवरी को कमलाबाई को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। उन्हें संजीवनी क्लीनिक में दिखाया, जहां प्राथमिक उपचार कर दवाइयां देकर घर भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्र में पहुंची और ओआरएस व कुछ गोलियां दीं, लेकिन सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई। मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए मृतका कमलाबाई के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है जिसके बाद सही कारण पता चल पाएगा।