2 करोड़ कैश, 62 किलो चांदी के साथ इंटरनेशनल सट्टा-हवाला सिंडिकेट बेनकाब

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कानपुर । उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में पुलिस ने बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए इंटरनेशनल सट्टेबाजी, अवैध शेयर ट्रेडिंग और हवाला लेनदेन से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 2 करोड़ रुपये नकद, लगभग 61.86 किलोग्राम चांदी, जिसकी बाजार कीमत भी करीब 2 करोड़ रुपये आंकी जा रही है, के अलावा बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद की है। मामले में अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कलेक्टरगंज थाना क्षेत्र के धनकुट्टी इलाके में स्थित रामकांत गुप्ता के आवास पर देर रात छापेमारी की। जैसे ही पुलिस टीम ने घर की तलाशी ली, वहां मौजूद नकदी और चांदी की बड़ी खेप देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। तलाशी के दौरान चांदी के बिस्किट, बड़ी मात्रा में कैश, कंप्यूटर, लैपटॉप, मॉडेम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।
अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि छापेमारी के दौरान भारतीय मुद्रा के साथ-साथ नेपाली करेंसी भी मिली है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा का स्रोत क्या है और इसका उपयोग किन लेनदेन में किया जा रहा था, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय हो सकता है।
पुलिस ने मौके से कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें मकान मालिक रामकांत गुप्ता के अलावा राहुल जैन, शिवम त्रिपाठी, सचिन गुप्ता और वंशराज शामिल हैं। ये सभी कानपुर के अलग-अलग इलाकों के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये लोग अलग-अलग भूमिकाओं में इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। कोई सट्टेबाजी संभाल रहा था, तो कोई हवाला और अवैध शेयर ट्रेडिंग का काम देख रहा था।
कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ की जाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह सिर्फ एक छापेमारी नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की कड़ी है, जिसे पूरी तरह उजागर करना जरूरी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी क्रिकेट सट्टेबाजी, हवाला लेनदेन और अवैध शेयर बाजार ट्रेडिंग में लंबे समय से सक्रिय थे। इतना ही नहीं, आगरा के एक कुख्यात अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बुकी, जो हिस्ट्री-शीटर बताया जा रहा है, के साथ इनके संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य शहरों और संभवतः विदेशों तक फैले हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ समय से कानपुर में अवैध सट्टेबाजी और हवाला गतिविधियों को लेकर लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई और अंततः यह बड़ी कार्रवाई की गई। फिलहाल बरामद सभी साक्ष्यों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, पैसों के लेनदेन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। यह मामला न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश में काले धन, सट्टेबाजी और हवाला कारोबार से जुड़ा है।