नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उद्योगपति अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच में शामिल होने के लिए जल्द ही नया समन जारी करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले सोमवार को उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह जांच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुईं। सूत्रों के अनुसार, अब उन्हें दोबारा बुलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई अनिल अंबानी और उनके व्यापारिक समूह से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के मामले से संबंधित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। यह एसआईटी फेडरल जांच एजेंसी की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट के तहत काम कर रही है, जिसका नेतृत्व एडिशनल डायरेक्टर रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं। इस टीम में लगभग आधा दर्जन अनुभवी जांचकर्ता शामिल किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते अनिल अंबानी समूह के खिलाफ चल रहे मामलों की समीक्षा के बाद यह निर्देश दिया था कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम बनाई जाए। जांच एजेंसी पिछले एक साल से इस समूह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। अब तक प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत तीन प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी हैं, जो पुलिस की प्राथमिकी के समान होती हैं।अब तक की कार्रवाई में जांच एजेंसी ने लगभग 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति भी अटैच की है। सूत्रों का कहना है कि नवनियुक्त एसआईटी आने वाले दिनों में समूह की कंपनियों और उनके अधिकारियों द्वारा किए गए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल करेगी। इस दौरान कई अन्य नई रिपोर्ट दर्ज होने की भी संभावना है, जिससे अंबानी परिवार और उनके सहयोगियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

