चार धाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज: केदारनाथ में यदि खराब मौसम हुआ तो नहीं उड़ेंगे हेलीकॉप्टर

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शटल सेवाओं में 30 फीसद की कटौती

रुद्रप्रयाग । मौजूदा साल के अप्रैल माह से शुरू होने जा रही उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में केदारनाथ समेत चारों धामों के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं। इन्हीं फैसलों के अनुसार इस बार खराब मौसम में हेलीकॉप्टर उड़ानों पर पूरी तरह से रोक रहेगी, जबकि केदारनाथ धाम के लिए शटल सेवाओं की संख्या में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है। हालांकि, यात्रियों को राहत देते हुए हेली सेवाओं के किराए में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि चार धाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। अधिकतर श्रद्धालु सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में यात्री समय की कमी या स्वास्थ्य कारणों से हेलीकॉप्टर सेवा का सहारा लेते हैं। केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से हेली सेवाओं का संचालन किया जाता है, जहां वर्तमान में कई एविएशन कंपनियां सेवाएं देती हैं। हेली सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (युकाडा) ने चार धाम यात्रा 2026 के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2023 से 2025 तक के लिए किए गए पुराने अनुबंधों की अवधि पूरी हो चुकी है, ऐसे में नई एविएशन कंपनियों के चयन के लिए जल्द ही नए टेंडर जारी किए जाएंगे। इस बार नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के दिशा-निर्देशों के तहत हेलीकॉप्टर संचालन के लिए कड़े मानक लागू किए जाएंगे और सभी स्थानों पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का सख्ती से पालन किया जाएगा।
युकाडा के अनुसार, केदारनाथ घाटी की संवेदनशील भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शटल सेवाओं की संख्या घटाई गई है। अब केदारनाथ के लिए कुल 184 शटल उड़ानें संचालित की जाएंगी, जबकि पहले यह संख्या करीब 264 थी। यह निर्णय यात्रियों और उड़ानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि हेली सेवाओं के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गुप्तकाशी से केदारनाथ का किराया 12,444 रुपये प्रति व्यक्ति, फाटा से 8,842 रुपये और सिरसी से 8,839 रुपये प्रति व्यक्ति ही रहेगा। सुरक्षा के लिहाज से सहस्त्रधारा और सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था की गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ हेलीपैड पर तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। उड़ान मार्गों और हेलीपैड पर लाइव और पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, पायलटों के लिए कम से कम 1500 घंटे का उड़ान अनुभव अनिवार्य किया गया है और पहली बार केदारनाथ घाटी में उड़ान भरने वाले पायलटों को अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि इन सभी उपायों का उद्देश्य चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।